
gmedianews24.com/प्रयागराज। रथ रोकने को लेकर माघ मेला प्रशासन और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के बीच विवाद गहराता जा रहा है। इस मामले में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने मेला प्रशासन पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि प्रशासन सुप्रीम कोर्ट का गलत हवाला देकर अपनी गलती छिपाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा, “सुप्रीम कोर्ट के कंधे पर बंदूक रखकर जो गलती प्रशासन से हुई है, उसे अब ये लोग पीछे करना चाह रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट का गलत हवाला देकर ये लोग कब तक बच पाएंगे?”
शंकराचार्य ने यह भी कहा कि खुद सरकार ने महाकुंभ के दौरान एक पत्रिका प्रकाशित की थी, जिसमें उन्हें शंकराचार्य के रूप में दर्शाया गया था। ऐसे में अब उनकी पहचान पर सवाल उठाना समझ से परे है।
इससे पहले धरने पर बैठे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को माघ मेला प्रशासन की ओर से नोटिस जारी किया गया। मेला प्राधिकरण ने उन्हें 24 घंटे के भीतर यह साबित करने को कहा है कि वे ही असली शंकराचार्य हैं। यह नोटिस मेला प्राधिकरण के उपाध्यक्ष की ओर से जारी किया गया है।







