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मौनी अमावस्या 2026: आज श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई जा रही माघ अमावस्या, जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और लाभ

gmedianews24.com/नई दिल्ली। आज यानी 18 जनवरी 2026 को पूरे देश में श्रद्धा और आस्था के साथ मौनी अमावस्या मनाई जा रही है। माघ महीने के कृष्ण पक्ष की इस अमावस्या को हिंदू धर्म में सभी अमावस्याओं में श्रेष्ठ माना गया है। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने, विशेषकर प्रयागराज के संगम में स्नान से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। साथ ही मौन रहकर साधना करने का भी विशेष महत्व बताया गया है।

मौनी अमावस्या का धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यता है कि माघ अमावस्या के दिन देवता स्वर्ग से उतरकर पवित्र नदियों में वास करते हैं। इस दिन किया गया स्नान, दान और जप-तप सौ यज्ञों के समान फलदायी माना जाता है। यही कारण है कि आज के दिन देशभर के तीर्थ स्थलों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी जा रही है।

मौनी अमावस्या 2026 के शुभ मुहूर्त

  • हर्षण योग: रात 9 बजकर 11 मिनट तक

  • अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12 बजकर 10 मिनट से 12 बजकर 53 मिनट तक

  • अमृत काल: सुबह 5 बजकर 2 मिनट से 6 बजकर 44 मिनट तक (19 जनवरी)

मौनी अमावस्या की पूजा विधि

  • सुबह जल्दी उठकर पवित्र नदी में स्नान करें। यदि संभव न हो तो घर पर स्नान के पानी में गंगाजल और काले तिल मिलाकर स्नान करें।

  • स्नान के बाद जल हाथ में लेकर दिनभर या पूजा समय तक मौन रहने का संकल्प लें।

  • तांबे के लोटे में जल, लाल चंदन और काले तिल डालकर भगवान सूर्य को अर्घ्य दें।

  • भगवान विष्णु के समक्ष घी का दीपक जलाकर पीले फूल, फल और तुलसी दल अर्पित करें।

  • यह पितरों का दिन भी माना जाता है, इसलिए दक्षिण दिशा की ओर मुख करके तिल और जल से तर्पण करें।

  • पूजा के बाद तिल, गुड़, कंबल, अन्न या वस्त्र का दान किसी जरूरतमंद को करें।

क्या करें और क्या न करें

  • क्या करें: इस दिन ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का अधिक से अधिक जप करें। पीपल के वृक्ष के नीचे दीपक जलाकर परिक्रमा करें।

  • क्या न करें: इस बार अमावस्या रविवार को पड़ रही है, इसलिए पीपल और तुलसी के पौधे को स्पर्श न करें, केवल दूर से प्रणाम करें। तामसिक भोजन से बचें और किसी भी तरह के वाद-विवाद से दूर रहें।

मौनी अमावस्या के लाभ
मान्यता है कि इस दिन दान-पुण्य करने से अक्षय फल की प्राप्ति होती है। मौन धारण करने से संकल्प शक्ति मजबूत होती है और मानसिक तनाव से मुक्ति मिलती है। साथ ही जीवन में सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

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