
gmedianews24.com/तेहरान/वॉशिंगटन। ईरान में जारी व्यापक विरोध प्रदर्शनों और बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान में सत्ता परिवर्तन (Regime Change in Iran) की मांग को हवा दे दी है। ट्रंप ने कहा है कि ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई को हटाने का समय आ गया है और देश को नई लीडरशिप की जरूरत है।
एक इंटरव्यू में ट्रंप ने दावा किया कि अली खामेनेई अब बीमार हैं और उनकी वजह से ईरान दुनिया की “सबसे खराब जगहों” में शामिल हो गया है। ट्रंप ने ईरानी नेतृत्व पर दमन और अभूतपूर्व हिंसा का आरोप लगाते हुए कहा कि हजारों लोगों को मारकर सत्ता बनाए रखना गलत है। उन्होंने कहा, “It’s time to look for new leadership in Iran” यानी ईरान में नई लीडरशिप का समय आ गया है।
ट्रंप ने यह भी कहा कि खामेनेई का अब तक का “सबसे अच्छा फैसला” यह रहा कि हाल ही में 800 से ज्यादा लोगों को फांसी नहीं दी गई। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि लीडरशिप का मतलब सम्मान होता है, डर और मौत नहीं, और सरकार को देश को सही ढंग से चलाने पर ध्यान देना चाहिए।
खामेनेई का पलटवार
ट्रंप के बयानों पर ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई ने कड़ा जवाब दिया है। उन्होंने विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों को ‘देशद्रोही’ बताते हुए कहा कि उनकी कमर तोड़ दी जाएगी। खामेनेई ने इन मौतों और नुकसान के लिए अमेरिका और डोनाल्ड ट्रंप को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि ईरान देश को युद्ध की ओर नहीं ले जाना चाहता, लेकिन ‘घरेलू अपराधियों’ और ‘अंतरराष्ट्रीय अपराधियों’ को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
ईरान ने अमेरिका पर लगाया साजिश का आरोप
ईरानी सरकार ने देश में चल रहे विरोध प्रदर्शनों को ‘आतंकवादी गतिविधियां’ और ‘दंगे’ करार दिया है। सरकार का आरोप है कि ये प्रदर्शन अमेरिका की साजिश का हिस्सा हैं, जिसका मकसद ईरान पर सैन्य, राजनीतिक और आर्थिक नियंत्रण स्थापित करना है।
इस बीच निर्वासित क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी ने ईरानी जनता से गुस्से और विरोध के साथ सड़कों पर उतरने की अपील की है। उन्होंने कहा कि वे ईरान को सेक्युलर डेमोक्रेसी की ओर ले जाना चाहते हैं और रेफरेंडम के जरिए अगली व्यवस्था तय की जानी चाहिए। कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों द्वारा उनके समर्थन में नारे लगाए जाने की भी खबरें सामने आई हैं।
ईरान में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं और ट्रंप के बयानों के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक सरगर्मी और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।







