
gmedianews24.com/नई दिल्ली। ईरान में पिछले कई दिनों से जारी हिंसा और अशांति की असली तस्वीर अब सामने आने लगी है। महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ शुरू हुए प्रदर्शन धीरे-धीरे हिंसक हो गए, जिसके बाद तेहरान समेत कई इलाकों में हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए। सड़कों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें आम हो गईं, इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं और मोबाइल नेटवर्क भी ठप हो गया। ऐसे हालात में ईरान में मौजूद भारतीय नागरिकों का बाहर निकलना मुश्किल हो गया था।
तेहरान से दिल्ली पहुंची पहली फ्लाइट न सिर्फ यात्रियों को लेकर आई, बल्कि अपने साथ डर, बेचैनी और अनिश्चितता की कई कहानियां भी लाई। देर रात महान एयर का विमान इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरा, जिसमें धार्मिक जियारत पर गए लोग, छात्र और कामकाज के सिलसिले में ईरान गए भारतीय नागरिक सवार थे। सभी के चेहरों पर राहत साफ झलक रही थी।
भारत लौटे नागरिकों ने बताया कि इंटरनेट बंद होने के कारण वे पूरी तरह बाहरी दुनिया से कट गए थे। न तो वीडियो कॉल हो पा रहे थे और न ही मैसेज। सोशल मीडिया भी पूरी तरह ठप था। कई इलाकों में मोबाइल नेटवर्क ने भी काम करना बंद कर दिया था। परिवारजन भारत में परेशान थे, जबकि ईरान में मौजूद भारतीय डर और अनिश्चितता के माहौल में जी रहे थे। अफवाहों के चलते डर और ज्यादा बढ़ गया और लोग घरों व होटलों में कैद होकर रहने को मजबूर हो गए।
न्यूज एजेंसी ANI के अनुसार, ईरान से लौटे एक भारतीय नागरिक ने वहां के हालात को बेहद खराब बताया। उन्होंने भारत सरकार और भारतीय दूतावास की सराहना करते हुए कहा कि स्थिति लगातार बिगड़ रही थी, लेकिन भारतीय दूतावास ने समय रहते जरूरी जानकारी दी और सुरक्षित वापसी में पूरा सहयोग किया। उन्होंने कहा, “मोदी जी हैं तो हर चीज मुमकिन है।”
यात्रियों ने बताया कि तेहरान और आसपास के इलाकों में हिंसा के कारण सामान्य जीवन पूरी तरह ठप हो गया था। कई छात्र अपनी पढ़ाई बीच में छोड़ने को मजबूर हो गए, जबकि जियारत पर गए लोगों और कामकाजी भारतीयों के लिए भी हालात बेहद मुश्किल हो गए थे। सभी की कहानी लगभग एक जैसी थी—डर, अनिश्चितता और घर लौटने की बेचैनी।
हालात की गंभीरता को देखते हुए 14 जनवरी को तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने एडवाइजरी जारी की थी। इसमें सभी भारतीय नागरिकों को ईरान छोड़ने की सलाह दी गई और हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए। लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की गई। इसके बाद भारत सरकार और विदेश मंत्रालय ने प्राथमिकता के आधार पर निकासी अभियान शुरू किया और महान एयर की पहली विशेष फ्लाइट की व्यवस्था की गई।
भारत पहुंचते ही यात्रियों की भावनाएं उमड़ पड़ीं। कई लोगों की आंखों में राहत के आंसू थे। भारत सरकार की इस त्वरित कार्रवाई से ईरान में फंसे भारतीयों को सुरक्षित घर लौटने का रास्ता मिला, वहीं अब आगे की फ्लाइट्स के जरिए और नागरिकों की वापसी की तैयारी की जा रही है।







