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मकर संक्रांति पर चाइनीज मांझा बना जानलेवा, रायपुर में छात्र के गाल कटे, भिलाई में ठेका मजदूर घायल

gmedianews24.com/रायपुर। मकर संक्रांति के पर्व पर पतंग उड़ाने की परंपरा एक बार फिर चाइनीज मांझे के कारण जानलेवा साबित हुई। प्रतिबंध के बावजूद शहरों में खुलेआम बिक रहे चाइनीज मांझे से रायपुर और भिलाई में गंभीर हादसे सामने आए हैं। इन घटनाओं ने प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पहली घटना रायपुर के पंडरी एक्सप्रेस-वे की है, जहां एक चलती गाड़ी में बैठे छात्र संकल्प द्विवेदी चाइनीज मांझे की चपेट में आ गया। छात्र अपनी बड़ी बहन को स्कूल छोड़ने जा रहा था, तभी अचानक उड़ती पतंग का चाइनीज मांझा उसके चेहरे में फंस गया। धारदार मांझे से छात्र के गाल बुरी तरह कट गए और वह लहूलुहान हो गया। गंभीर हालत में छात्र को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों को उसके चेहरे पर 34 टांके लगाने पड़े। हादसे में छात्र की बहन के हाथ भी मांझे से कट गए।

डॉक्टरों के अनुसार, चाइनीज मांझे से लगे घाव के निशान स्थायी रह सकते हैं। छात्र के चेहरे पर गहरे जख्म को देखते हुए प्लास्टिक सर्जरी की सलाह दी गई है। इस घटना से परिवार सदमे में है और उनकी चिंता और बढ़ गई है।

इसी तरह भिलाई में भी चाइनीज मांझे की चपेट में आने से एक ठेका मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके अलावा रायपुर में इससे पहले रविवार शाम करीब 5 बजे एक महिला भी चाइनीज मांझे से घायल हो चुकी है। जानकारी के अनुसार, महिला शाम के समय पैदल मंदिर जा रही थी, तभी उड़ती पतंग का मांझा उनके चेहरे में फंस गया। मांझा हटाने की कोशिश में उनके होंठ और अंगूठे में गहरा कट लग गया, जिससे उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाना पड़ा।

लगातार हो रहे इन हादसों ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जब चाइनीज मांझे पर पूरी तरह प्रतिबंध है, तो यह बाजार में कैसे पहुंच रहा है? हर साल चेतावनियों और कार्रवाई के दावों के बावजूद मकर संक्रांति के मौके पर इस तरह की घटनाएं सामने आना चिंता का विषय है। लोग प्रशासन से चाइनीज मांझे की बिक्री पर सख्त कार्रवाई और दोषियों के खिलाफ कड़ी सजा की मांग कर रहे हैं।

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