
gmedianews24.com/बेंगलुरु। कर्नाटक में एक ही दिन कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के आगमन के बाद उनके स्वागत को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्य की कांग्रेस सरकार पर राज्य की वैश्विक प्रतिष्ठा से ज्यादा पार्टी हाईकमान को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया है।
दरअसल, जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज पिछले कुछ दिनों से भारत दौरे पर हैं। मंगलवार को वे बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचे, जहां उनका स्वागत कर्नाटक सरकार के मंत्री एमबी पाटिल और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने किया।
वहीं दूसरी ओर, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी तमिलनाडु जाते समय कुछ समय के लिए मैसुरु एयरपोर्ट पर रुके। इस दौरान उनके स्वागत के लिए मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार स्वयं एयरपोर्ट पहुंचे। इसी को लेकर भाजपा ने कड़ी आपत्ति जताई है।
कर्नाटक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर अशोक ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि राज्य सरकार ने एक विदेशी राष्ट्राध्यक्ष की बजाय पार्टी नेता को अधिक महत्व दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कदम कर्नाटक की अंतरराष्ट्रीय छवि को नुकसान पहुंचाने वाला है।
भाजपा नेताओं का कहना है कि जब एक बड़े विदेशी नेता राज्य में पहुंचे हों, तब मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री का उन्हें छोड़कर पार्टी नेता के स्वागत में जाना गलत प्राथमिकताओं को दर्शाता है। वहीं, कांग्रेस की ओर से इस मुद्दे पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
बेंगलुरु। कर्नाटक में एक ही दिन कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के आगमन के बाद उनके स्वागत को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्य की कांग्रेस सरकार पर राज्य की वैश्विक प्रतिष्ठा से ज्यादा पार्टी हाईकमान को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया है।
दरअसल, जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज पिछले कुछ दिनों से भारत दौरे पर हैं। मंगलवार को वे बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचे, जहां उनका स्वागत कर्नाटक सरकार के मंत्री एमबी पाटिल और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने किया।
वहीं दूसरी ओर, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी तमिलनाडु जाते समय कुछ समय के लिए मैसुरु एयरपोर्ट पर रुके। इस दौरान उनके स्वागत के लिए मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार स्वयं एयरपोर्ट पहुंचे। इसी को लेकर भाजपा ने कड़ी आपत्ति जताई है।
कर्नाटक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर अशोक ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि राज्य सरकार ने एक विदेशी राष्ट्राध्यक्ष की बजाय पार्टी नेता को अधिक महत्व दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कदम कर्नाटक की अंतरराष्ट्रीय छवि को नुकसान पहुंचाने वाला है।
भाजपा नेताओं का कहना है कि जब एक बड़े विदेशी नेता राज्य में पहुंचे हों, तब मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री का उन्हें छोड़कर पार्टी नेता के स्वागत में जाना गलत प्राथमिकताओं को दर्शाता है। वहीं, कांग्रेस की ओर से इस मुद्दे पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।




