
gmedianews24.com/नई दिल्ली। सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने मंगलवार को शक्सगाम घाटी को लेकर भारत की स्थिति एक बार फिर स्पष्ट करते हुए कहा कि पाकिस्तान और चीन के बीच 1963 में हुआ समझौता भारत को स्वीकार नहीं है और इसे पूरी तरह अवैध माना जाता है। उन्होंने कहा कि शक्सगाम घाटी में चीन द्वारा किए जा रहे किसी भी तरह के इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट को भारत मंजूरी नहीं देता।
जनरल द्विवेदी की यह टिप्पणी शक्सगाम घाटी में चीन की गतिविधियों और CPEC 2.0 को लेकर हाल में जारी चीन-पाक संयुक्त बयान के संदर्भ में आई है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि भारत इस पूरे मामले को दोनों देशों द्वारा की जा रही अवैध कार्रवाई के रूप में देखता है।
सेना प्रमुख ने कहा, “हम शक्सगाम घाटी में किसी भी गतिविधि को मंजूरी नहीं देते हैं। विदेश मंत्रालय पहले ही इस पर भारत का रुख साफ कर चुका है। चीन में जारी किए गए संयुक्त बयान और CPEC 2.0 को हम स्वीकार नहीं करते हैं।”




