
gmedianews24.com/रायपुर। दिसंबर के बाद जनवरी माह भी प्रदेशवासियों के लिए ठिठुरन भरा रहने वाला है। मकर संक्रांति से पहले कड़ाके की ठंड से राहत मिलने की संभावना बेहद कम नजर आ रही है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर दिशा से आ रही ठंडी और शुष्क हवाओं के प्रभाव से अगले 24 घंटे में न्यूनतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इसके बाद न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे वृद्धि का दौर शुरू हो सकता है। हालांकि 24 से 48 घंटे बाद ठंड में हल्की राहत मिलने की संभावना जरूर है, लेकिन यह राहत खास नहीं होगी और ठिठुरन बनी रह सकती है।
मौसम विभाग ने आगामी दो दिनों के दौरान उत्तरी और मध्य छत्तीसगढ़ के एक-दो इलाकों में शीतलहर चलने की चेतावनी जारी की है। इससे पहले गुरुवार को सरगुजा और दुर्ग संभाग के अंतर्गत आने वाले जिलों के कुछ पॉकेट में शीतलहर का असर देखा गया। फिलहाल पूरे प्रदेश में मौसम शुष्क बना रहेगा।
मौसम में इस बदलाव का मुख्य कारण पश्चिमी विक्षोभ बताया जा रहा है। यह विक्षोभ उत्तरी पंजाब और आसपास के क्षेत्रों में लगभग 3 किलोमीटर की ऊंचाई पर सक्रिय है। वहीं उत्तर भारत के ऊपर करीब 12 किलोमीटर की ऊंचाई पर तेज रफ्तार से चलने वाली हवाएं, जिन्हें पश्चिमी जेट स्ट्रीम कहा जाता है, मौसम को प्रभावित कर रही हैं।
मौसम विभाग के अनुसार 9 जनवरी तक सरगुजा, जशपुर, सूरजपुर, बलरामपुर, कोरिया, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, रायपुर, बलोदाबाजार, गरियाबंद, धमतरी, महासमुंद, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, राजनांदगांव, दुर्ग, बालोद, कबीरधाम, मोहल्ला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी और बेमेतरा जिलों के एक-दो इलाकों में शीतलहर चलने की संभावना जताई गई है। वहीं 10 जनवरी को दुर्ग जिले सहित कुछ इलाकों में कोल्ड वेव की चेतावनी जारी की गई है।







