
gmedianews24.com/जगदलपुर। साइबर ठगी के खिलाफ बस्तर पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। नगरनार थाना क्षेत्र में दर्ज करीब 20 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में पुलिस ने दिल्ली के जनकपुरी इलाके में संचालित एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों में गिरोह का मुख्य सरगना ओमप्रकाश प्रभु सहित चार युवतियां शामिल हैं।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, अप्रैल माह में नगरनार निवासी कमलोचन कश्यप ने थाना नगरनार में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि इंश्योरेंस प्रीमियम जमा कराने के नाम पर उनसे अलग-अलग किश्तों में लगभग 20 लाख रुपये वसूले गए। जब इंश्योरेंस पॉलिसी की मैच्योरिटी राशि लेने का समय आया, तब उन्हें ठगी का एहसास हुआ।
मामले की गंभीरता को देखते हुए नगरनार थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने तकनीकी जांच शुरू की। जांच के दौरान ठगों की लोकेशन दिल्ली के आसपास मिलने की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस टीम ने दिल्ली के जनकपुरी क्षेत्र में छापेमारी कर एक फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा किया, जहां से यह पूरा ठगी रैकेट संचालित किया जा रहा था।
छापे के दौरान पुलिस ने कॉल सेंटर से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से वायरलेस फोन, मोबाइल फोन, लैपटॉप और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं। बरामद दस्तावेजों से यह भी सामने आया है कि आरोपी अलग-अलग राज्यों में साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। छत्तीसगढ़ के भी तीन से चार जिलों में इसी तरह की ठगी के साक्ष्य मिले हैं।
बस्तर पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा ने बताया कि पुलिस रिमांड के दौरान पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजा जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि इस मामले में इंश्योरेंस कंपनी से जुड़े संभावित लिंक सामने आए हैं, जिनकी गहन जांच की जा रही है। आने वाले समय में जैसे-जैसे नए तथ्य और कड़ियां सामने आएंगी, पुलिस द्वारा सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान कॉल, मैसेज या इंश्योरेंस से जुड़े लालच भरे ऑफर से सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन पर सूचना दें।




