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सऊदी अरब–यूएई के बीच बढ़ा तनाव, 24 घंटे का अल्टीमेटम; यमन को लेकर जंग के हालात

gmedianews24.com//नई दिल्ली/रियाद। अरब जगत के दो सबसे ताकतवर देश—सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई)—अचानक गंभीर टकराव के मुहाने पर खड़े नजर आ रहे हैं। हालात इतने बिगड़ गए हैं कि सऊदी अरब ने यूएई को 24 घंटे का अल्टीमेटम जारी कर दिया है। सऊदी अरब ने चेतावनी दी है कि यदि उसकी शर्तें नहीं मानी गईं तो दोनों देशों के बीच तनाव युद्ध की ओर बढ़ सकता है।

क्या है पूरा मामला

तनाव की जड़ यमन में चल रहा संघर्ष है। सऊदी अरब ने यमन के बंदरगाही शहर मुकल्ला पर भीषण हवाई हमला किया है। सऊदी अरब का आरोप है कि संयुक्त अरब अमीरात यमन के अलगाववादी गुटों को हथियार और सैन्य सहायता उपलब्ध करा रहा है। बीते तीन दिनों में सऊदी अरब ने यमन के अलगाववादियों पर दो बड़े हवाई हमले किए हैं।

इसी क्रम में सऊदी अरब ने यूएई को कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि वह यमन से अपने भाड़े के सैनिकों को 24 घंटे के भीतर वापस बुलाए। सऊदी अरब का कहना है कि पूर्वी यमन में यूएई की गतिविधियां उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन गई हैं और किसी भी उल्लंघन का सख्त जवाब दिया जाएगा।

यूएई को क्यों दिया गया अल्टीमेटम

सऊदी अरब ने स्पष्ट किया है कि यूएई को 24 घंटे के भीतर यमन से अपनी सभी सेनाएं हटानी होंगी और यमनी गुटों को दी जा रही सैन्य व वित्तीय सहायता तत्काल बंद करनी होगी। बताया जा रहा है कि कुछ सप्ताह पहले यूएई समर्थित भाड़े के सैनिकों ने सऊदी समर्थित बलों के खिलाफ हमला किया था, जिसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया।

मुकल्ला पर बमबारी और गंभीर आरोप

मंगलवार को सऊदी अरब ने यमन के मुकल्ला बंदरगाह पर हवाई हमला किया। सऊदी का आरोप है कि यूएई यहां अलगाववादी बलों के लिए हथियारों की खेप भेज रहा था। सऊदी अरब ने सीधे तौर पर यूएई को अलगाववादियों की हालिया प्रगति के लिए जिम्मेदार ठहराया और कहा कि अबू धाबी की कार्रवाइयां “अत्यधिक खतरनाक” हैं।

यह टकराव सऊदी अरब और यूएई समर्थित दक्षिणी संक्रमण परिषद (STC) के बीच बढ़ते तनाव का संकेत देता है और रियाद–अबू धाबी संबंधों में नई दरार को उजागर करता है।

यमन में हालात और बिगड़े

यमन के हूती-विरोधी बलों ने भी स्थिति को गंभीर बताते हुए आपातकाल की घोषणा कर दी है। उन्होंने यूएई के साथ सहयोग समाप्त करने और अपने क्षेत्र से सभी अमीराती बलों को 24 घंटे के भीतर बाहर निकलने का आदेश दिया है। इसके साथ ही नियंत्रित इलाकों में 72 घंटे के लिए सीमा पारगमन पर रोक लगा दी गई है, जबकि हवाई अड्डों और बंदरगाहों में प्रवेश भी बंद कर दिया गया है।

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