
gmedianews24.com/नई दिल्ली। भारतीय रेलवे ने हाई-स्पीड ट्रेनों की दिशा में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन ने ट्रायल रन के दौरान 180 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार पकड़कर इतिहास रच दिया। यह सफल परीक्षण सवाई माधोपुर–कोटा–नागदा सेक्शन पर किया गया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। रेल मंत्री ने इसे न्यू जनरेशन ट्रेन बताते हुए भारतीय रेलवे के लिए एक बड़ा कदम करार दिया है।
रेल मंत्री ने साझा किया ट्रायल का वीडियो
मंगलवार शाम रेल मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि रेल सुरक्षा आयुक्त की निगरानी में वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का यह ट्रायल किया गया। उन्होंने कहा कि कोटा–नागदा खंड पर 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ती यह ट्रेन भारत में विकसित नई पीढ़ी की रेल तकनीक की ताकत को दर्शाती है। यह परीक्षण न सिर्फ ट्रेन की गति क्षमता को साबित करता है, बल्कि इसके आधुनिक डिजाइन और उच्च सुरक्षा मानकों की भी पुष्टि करता है।
180 की रफ्तार में भी छलका नहीं पानी
रेल मंत्री द्वारा साझा किए गए वीडियो में ट्रेन की तकनीकी मजबूती साफ नजर आती है। ट्रायल रन के दौरान जब ट्रेन 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ रही थी, उसी समय केबिन में मौजूद एक कर्मचारी वीडियो रिकॉर्ड करता दिखाई देता है। वीडियो में स्पीडोमीटर के सामने चार गिलास पानी से भरे रखे नजर आते हैं, लेकिन इतनी तेज रफ्तार के बावजूद किसी भी गिलास से पानी की एक बूंद तक नहीं छलकी।
वीडियो में स्पीडोमीटर की रेंज 0 से 200 किमी प्रति घंटे तक दिखाई देती है और स्पीड का कांटा 180 किमी प्रति घंटे पर स्थिर नजर आता है। करीब 24 सेकंड के इस वीडियो क्लिप में ट्रेन पूरी तरह संतुलित और स्मूद रनिंग करती दिखाई दे रही है, जो इसके उन्नत सस्पेंशन सिस्टम और बेहतर राइड क्वालिटी को दर्शाता है।
सभी तकनीकी मानकों पर खरी उतरी ट्रेन
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि यह ट्रायल वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के भविष्य के संचालन की दिशा में एक बड़ी तकनीकी सफलता है। इस परीक्षण के दौरान ट्रेन की गति, सुरक्षा मानकों और राइड क्वालिटी की बारीकी से जांच की गई। यह पूरा परीक्षण मुख्य आयुक्त रेल संरक्षा जनक कुमार गर्ग की निगरानी में संपन्न हुआ।
यात्रियों को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय स्तर का अनुभव
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में कुल 16 कोच होंगे, जिनमें स्लीपर और एसी दोनों श्रेणियों के कोच शामिल रहेंगे। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आरामदायक बर्थ की व्यवस्था की गई है। सेमी हाई-स्पीड ट्रेन होने के कारण इसमें अपग्रेडेड सस्पेंशन सिस्टम लगाया गया है, जिससे यात्रा के दौरान झटके और कंपन बेहद कम महसूस होंगे।
इसके अलावा ट्रेन में ऑटोमैटिक दरवाजे, आधुनिक टॉयलेट सिस्टम, फायर सेफ्टी उपकरण, सीसीटीवी निगरानी और डिजिटल पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं दी गई हैं। रेलवे का कहना है कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन यात्रियों को सुरक्षित, आरामदायक और विश्वस्तरीय यात्रा अनुभव प्रदान करेगी।




