
gmedianews24.com/अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर जिले के सरगंवा गांव से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां रेबीज संक्रमित कुत्ते द्वारा काटे गए एक बकरे की ‘निकाली पूजा’ में बलि दे दी गई और उसी बकरे का मांस प्रसाद के रूप में पकाकर गांव के करीब 400 लोगों को खिला दिया गया। घटना के सामने आने के बाद गांव में हड़कंप मच गया है और लोगों में रेबीज फैलने का डर बना हुआ है।
हर तीन साल में होती है ‘निकाली पूजा’
सरगंवा गांव में हर तीन साल में ‘निकाली पूजा’ का आयोजन किया जाता है, जो स्थानीय देवी-देवताओं की परंपरागत पूजा मानी जाती है। इस वर्ष 28 दिसंबर को पूजा आयोजित हुई, जिसमें 12 से 15 बकरों की बलि दी गई। परंपरा के अनुसार, बलि के बाद बकरों के मांस को प्रसाद के रूप में बांटा गया, जिसे गांव के केवल पुरुष सदस्यों ने ग्रहण किया।
रेबीज संक्रमित कुत्ते ने काटा था बकरा
ग्रामीणों के अनुसार, बलि दिए गए बकरों में से एक बकरे को पहले ही एक रेबीज संक्रमित (पागल) कुत्ते ने काट लिया था। यह बकरा गांव के नान्हू राजवाड़े से खरीदा गया था। बकरे के जख्मी होने की जानकारी होने के बावजूद उसकी बलि दी गई और मांस प्रसाद के रूप में वितरित कर दिया गया।
ग्रामीणों में दहशत, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
मामले की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट कर दिया गया है। गांव में स्वास्थ्य जांच शिविर लगाने के निर्देश जारी किए गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें धोखे में रखकर संक्रमित बकरे का मांस खिलाया गया, जिससे अब भय का माहौल है।





