
gmedianews24.com/भिलाई/अयोध्या। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा कथावाचक पं. धीरेंद्र शास्त्री को ‘बीजेपी का एजेंट’ बताए जाने के बाद सियासी और धार्मिक हलकों में बयानबाजी तेज हो गई है। इस टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए अयोध्या स्थित हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास ने भूपेश बघेल पर कड़ा हमला बोला है। महंत राजू दास ने पूर्व सीएम को ‘रावण का दूसरा रूप’ तक करार दिया।
दरअसल, रविवार को भिलाई में आयोजित हनुमंत कथा कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे महंत राजू दास ने मंच से कहा कि भूपेश बघेल की भाषा, भाव और कार्यशैली सनातन संस्कृति के विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि भूपेश बघेल दावा करते हैं कि उनके घर में पांच संत हुए हैं, लेकिन रावण भी एक संत का पुत्र था। “रावण विद्वान और भगवान शिव का उपासक था, लेकिन उसके कर्म सनातन संस्कृति के विनाश की ओर थे। उसी तरह भूपेश बघेल शुद्ध रूप से रावण का दूसरा रूप हैं,” महंत ने कहा।
‘धर्मांतरण बंद हुआ तो संत बीजेपी एजेंट नजर आने लगे’
महंत राजू दास ने आरोप लगाया कि जब मिशनरियों का धर्मांतरण का धंधा बंद हो गया, तब पूर्व मुख्यमंत्री को साधु-संत और कथावाचक बीजेपी के एजेंट नजर आने लगे। उन्होंने कहा कि एक पूर्व मुख्यमंत्री से इस तरह की ओछी और मर्यादाहीन टिप्पणी की अपेक्षा नहीं की जा सकती, खासकर तब जब वे खुद को महात्मा गांधी की विचारधारा से जुड़ी पार्टी का नेता बताते हों।
लाखों सनातनियों की आस्था का अपमान
महंत ने कहा कि संतों और धार्मिक कथावाचकों पर की गई टिप्पणी केवल साधु-संतों का ही नहीं, बल्कि लाखों सनातनियों की आस्था का भी अपमान है। बाबा बागेश्वर धाम और पं. प्रदीप मिश्रा जैसे संतों को किसी राजनीतिक दल का एजेंट बताना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि संतों का कार्य किसी राजनीतिक पार्टी के लिए नहीं, बल्कि समाज के पीड़ित, दुखी और परेशान लोगों के कल्याण के लिए होता है।
‘क्या लोगों के कष्ट दूर करना राजनीति है?’
महंत राजू दास ने सवाल उठाया कि क्या किसी व्यक्ति के जीवन के कष्ट दूर करना, उसे मानसिक और आध्यात्मिक संबल देना किसी राजनीतिक दल का काम है? उन्होंने कहा कि संत समाज को जोड़ने और सकारात्मक दिशा देने का काम करते हैं, न कि किसी दल विशेष के लिए।







