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छत्तीसगढ़ कैडर के IPS जितेंद्र शुक्ला को NSG में ग्रुप कमांडर पद की जिम्मेदारी

gmedianews24.com/रायपुर। छत्तीसगढ़ कैडर के आईपीएस अधिकारी जितेंद्र शुक्ला को केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) में ग्रुप कमांडर के पद पर नियुक्त किया है। इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार को पत्र भेजकर जानकारी दी है और उन्हें तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त करने के निर्देश दिए हैं। पत्र में बताया गया है कि 2013 बैच के आईपीएस अधिकारी जितेंद्र शुक्ला को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के तहत एनएसजी में एसपी स्तर के पद पर नियुक्त किया गया है।

प्रयागराज से IPS बनने तक का सफर
आईपीएस जितेंद्र शुक्ला मूल रूप से उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद (वर्तमान प्रयागराज) के निवासी हैं। उनका जन्म 22 सितंबर 1983 को हुआ था। उन्होंने इलाहाबाद के राजकीय इंटर कॉलेज से स्कूली शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक (बीए) और भूगोल विषय में स्नातकोत्तर (एमए) की डिग्री हासिल की। उच्च शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की और 2013 में आईपीएस सेवा में चयनित हुए।

छत्तीसगढ़ में रहा लंबा और प्रभावशाली कार्यकाल
जितेंद्र शुक्ला ने 2 सितंबर 2013 को आईपीएस सेवा ज्वाइन की। प्रशिक्षण अवधि के दौरान वे बिलासपुर में पदस्थ रहे और कोटा थाना प्रभारी के रूप में कार्य किया। इसके बाद उन्होंने अंबिकापुर में सीएसपी, सुकमा में एडिशनल एसपी के रूप में सेवाएं दीं। वे सुकमा, महासमुंद, कोरबा, राजनांदगांव और दुर्ग जैसे महत्वपूर्ण जिलों में पुलिस अधीक्षक के रूप में भी अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं।

NSG: देश की सबसे विशिष्ट सुरक्षा बल
राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) का गठन वर्ष 1986 में नेशनल सिक्योरिटी गार्ड एक्ट के तहत किया गया था। इसका उद्देश्य देश में गंभीर आतंकवादी हमलों से निपटना और विशेष आतंकवाद-रोधी अभियानों को अंजाम देना है।
एनएसजी का उपयोग केवल अत्यंत गंभीर परिस्थितियों में किया जाता है। प्रधानमंत्री सहित कुछ चुनिंदा अति विशिष्ट व्यक्तियों (VVIP) की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी एनएसजी के पास होती है। वर्ष 1984 के ऑपरेशन ब्लू स्टार के बाद देश में ऐसी विशेष फोर्स की आवश्यकता महसूस की गई थी, जिसके बाद एनएसजी का गठन हुआ।
एनएसजी स्वयं को ‘जीरो एरर फोर्स’ मानता है, जहां किसी भी प्रकार की चूक की कोई गुंजाइश नहीं होती।

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