
.gmedianews24.com/गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही। जिला अस्पताल में शनिवार देर रात सड़क दुर्घटना में घायल मरीजों के साथ पहुंचे लोगों ने जमकर हंगामा किया। मरीज के परिजनों और उनके साथ आई भीड़ ने ऑन-ड्यूटी महिला डॉक्टरों, अस्पताल स्टाफ और सुरक्षा कर्मियों के साथ गाली-गलौज व मारपीट की। आरोप है कि इमरजेंसी वार्ड में नारेबाजी कर अस्पताल प्रबंधन को भी धमकाया गया। मामले में पुलिस ने 4 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। घटना के बाद से महिला डॉक्टरों और स्टाफ में भय का माहौल है।
शराब के नशे में थे मरीज और अटेंडर
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार रात भर्रीडाँड़ मरवाही निवासी दुर्घटनाग्रस्त दुर्गेश रजक, ईश्वर और विवेक को जिला अस्पताल लाया गया था। दुर्गेश रजक को अस्पताल पहुंचने पर मृत घोषित किया गया, जबकि ईश्वर और विवेक भारी शराब के नशे में थे। दोनों का प्राथमिक उपचार किया गया।
बताया जा रहा है कि मरीजों के साथ आए अटेंडर—सुनील रजक, मनीष रजक, संतोष रजक और प्रमोद रजक—भी शराब के नशे में थे। वे बार-बार महिला डॉक्टरों पर मरीजों को तुरंत देखने का दबाव बनाते रहे। उस समय अस्पताल में 90 से अधिक मरीज भर्ती थे।
स्थिति स्थिर बताने पर भड़की भीड़
महिला डॉक्टरों द्वारा मरीजों की हालत स्थिर बताए जाने के बावजूद अटेंडरों ने बदतमीजी शुरू कर दी और देखते ही देखते मामला गाली-गलौज व मारपीट तक पहुंच गया। इमरजेंसी वार्ड में अफरा-तफरी मच गई, जिससे अन्य मरीजों और उनके परिजनों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
ड्यूटी करने से डरीं महिला डॉक्टरें
घटना से आहत और भयभीत महिला डॉक्टरों ने असुरक्षा का हवाला देते हुए काम करने से इनकार कर दिया है। उन्होंने गौरेला थाना पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और अस्पताल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग की है।







