
gmedianews24.com/नई दिल्ली। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के 6 एयरबेस को तबाह कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आई भारत की सुपरसोनिक ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल अब और भी ज्यादा ताकतवर होने जा रही है। रक्षा सूत्रों के मुताबिक, ब्रह्मोस की रेंज, रफ्तार और मारक क्षमता को नए वर्जन में और बेहतर किया जा रहा है।
फिलहाल ब्रह्मोस मिसाइल की मारक क्षमता लगभग 300 किलोमीटर है, लेकिन नए संस्करण में इसकी रेंज को बढ़ाकर 450 किलोमीटर से लेकर 800 किलोमीटर तक करने पर काम चल रहा है। इस नई रेंज के बाद भारत की राजधानी दिल्ली से ही पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद को निशाना बनाना संभव हो जाएगा। उल्लेखनीय है कि दिल्ली और इस्लामाबाद के बीच हवाई दूरी करीब 700 किलोमीटर है।
हल्का वर्जन भी होगा तैयार
रक्षा सूत्रों के अनुसार, ब्रह्मोस का एक हल्का वर्जन भी विकसित किया जा रहा है। करीब ढाई टन वजनी यह खास वर्जन सुखोई एमकेआई-30 लड़ाकू विमान के नीचे (अंडरबेली) लगाए जाने के लिए डिजाइन किया गया है। इस वर्जन को प्रोजेक्ट डिजाइन बोर्ड से मंजूरी मिल चुकी है और अब यह अगले चरण में प्रवेश कर चुका है।
ग्राउंड ट्रायल की तैयारी
अभी लंबी रेंज वाली ब्रह्मोस मिसाइल के ग्राउंड ट्रायल की तैयारियां चल रही हैं। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह नया वर्जन अगले तीन वर्षों में पूरी तरह विकसित हो सकता है। यदि सब कुछ तय योजना के अनुसार रहा, तो ब्रह्मोस के इस उन्नत संस्करण का पहला परीक्षण 2027 के अंत तक किया जा सकता है।
नई ब्रह्मोस मिसाइल भारत की सैन्य ताकत को और मजबूती देगी और दुश्मन देशों के लिए यह एक बड़ा रणनीतिक संदेश मानी जा रही है।







