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मोदी कैबिनेट की बड़ी मंजूरी: दिल्ली मेट्रो फेज-5A का विस्तार, 12,015 करोड़ की लागत से बनेंगे 3 नए कॉरिडोर

gmedianews24.com/नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में दिल्ली मेट्रो के बड़े विस्तार को मंजूरी दे दी गई है। केंद्रीय रेल एवं सूचना-प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी देते हुए बताया कि दिल्ली मेट्रो के फेज-5A प्रोजेक्ट पर करीब 12,015 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इस फैसले से राजधानी के इंफ्रास्ट्रक्चर को बड़ा बढ़ावा मिलेगा और लोगों की ईज ऑफ लिविंग बेहतर होगी।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि चीन और अमेरिका के बाद भारत का मेट्रो नेटवर्क दुनिया में तीसरे स्थान पर है। दिल्ली मेट्रो देश का सबसे बड़ा मेट्रो नेटवर्क है, जहां रोजाना औसतन 65 लाख यात्री सफर करते हैं, जबकि पूरे नेटवर्क में यह संख्या करीब 1.15 करोड़ राइडर्स तक पहुंचती है।

तीन नए कॉरिडोर, 13 स्टेशन होंगे शामिल

दिल्ली मेट्रो फेज-5A के तहत तीन नए कॉरिडोर बनाए जाएंगे। इस प्रोजेक्ट में कुल 13 स्टेशन होंगे, जिनमें 10 अंडरग्राउंड और 3 एलिवेटेड स्टेशन शामिल हैं। यह मेगा प्रोजेक्ट करीब 16 किलोमीटर लंबा होगा और इसके तीन साल में पूरा होने का अनुमान है।

कैबिनेट से जिन तीन मेट्रो कॉरिडोर को मंजूरी मिली है, वे हैं—

  • रामकृष्ण आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ

  • एयरोसिटी से टर्मिनल-1

  • कालिंदीकुंज से तुगलकाबाद

इन कॉरिडोर के जुड़ने के बाद दिल्ली मेट्रो नेटवर्क की कुल लंबाई 400 किलोमीटर से अधिक हो जाएगी।

पीएम मोदी बोले— भीड़ घटेगी, जीवन होगा आसान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस फैसले को राजधानी के लिए अहम बताते हुए कहा कि दिल्ली मेट्रो का यह विस्तार राजधानी के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती देगा, ट्रैफिक और भीड़ कम करेगा तथा आम लोगों के जीवन को और सुगम बनाएगा।

प्रदूषण के खिलाफ बड़ी राहत

मोदी सरकार का यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब दिल्ली गंभीर वायु प्रदूषण की समस्या से जूझ रही है। मेट्रो विस्तार से निजी वाहनों पर निर्भरता कम होगी, जिससे प्रदूषण पर अंकुश लगेगा। सरकार का अनुमान है कि इस प्रोजेक्ट से हर साल करीब 33 हजार टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आएगी।

कर्तव्य भवन और कर्मचारियों को सीधा लाभ

इस फेज की खास बात यह है कि यह सेंट्रल विस्टा क्षेत्र स्थित कर्तव्य भवन को सीधे मेट्रो नेटवर्क से जोड़ेगा। इससे हजारों केंद्रीय कर्मचारियों के साथ-साथ रोजाना यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों को फायदा मिलेगा। समय और पैसों की बचत के साथ राजधानी की यातायात व्यवस्था और अधिक सुचारु होने की उम्मीद है।

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