
gmedianews24.com/रायपुर। झारखंड के कुख्यात गैंगस्टर मयंक सिंह को जल्द ही छत्तीसगढ़ लाया जाएगा। उसके खिलाफ रायपुर कोर्ट ने प्रोडक्शन वारंट जारी किया है, जिसके तहत 24 दिसंबर को उसे रायपुर कोर्ट में पेश किए जाने की संभावना है। मयंक सिंह फिलहाल झारखंड की जेल में न्यायिक हिरासत में बंद है।
मयंक सिंह अमन साव गैंग का सक्रिय सदस्य रहा है और उस पर रायपुर के कोयला कंस्ट्रक्शन कारोबारी प्रहलाद राय एवं पीआर ग्रुप के संचालक के कार्यालय पर गोली चलवाने का गंभीर आरोप है। छत्तीसगढ़ पुलिस लंबे समय से उसकी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है, क्योंकि राज्य में भी उसके खिलाफ कई संगीन मामले दर्ज हैं।
कारोबारी के दफ्तर पर फायरिंग का आरोप
बताया गया है कि जुलाई 2024 में रायपुर स्थित प्रहलाद राय और पीआर ग्रुप के कार्यालय पर बाइक सवार बदमाशों ने दो राउंड फायरिंग की थी। घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया था, जिसमें एक गोली हवा में और दूसरी कारोबारी की कार की ओर चलाई गई थी। पुलिस का आरोप है कि इस फायरिंग की साजिश मयंक सिंह ने रची थी, और वह इस मामले का मुख्य आरोपी है।
लॉरेंस बिश्नोई से भी जुड़ाव की चर्चा
मयंक सिंह को गैंगस्टर अमन साव का करीबी माना जाता रहा है। इसके अलावा चर्चा है कि वह लॉरेंस बिश्नोई का बचपन का दोस्त भी है। हाल ही में उसे इंटरपोल की मदद से अजरबैजान से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया है।
झारखंड में यह पहला मामला बताया जा रहा है, जब किसी गैंगस्टर को विदेश से प्रत्यर्पण कर देश वापस लाया गया हो। रांची एयरपोर्ट से जेल तक उसे बख्तरबंद वाहन में कड़ी सुरक्षा के बीच ले जाया गया था।
45 से ज्यादा गंभीर मामले दर्ज
पुलिस के अनुसार मयंक सिंह के खिलाफ हत्या, रंगदारी, धमकी, फायरिंग और आपराधिक साजिश जैसे 45 से अधिक छोटे-बड़े मामले दर्ज हैं। वह लंबे समय तक विदेश में रहकर अपने आपराधिक नेटवर्क का संचालन कर रहा था।
जानकारी के मुताबिक मयंक सिंह ने उद्योगपतियों, कारोबारियों और नेताओं से भी रंगदारी मांगी थी। राजस्थान में एक कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री से भी रंगदारी मांगने का आरोप उस पर है। अमन साव गैंग से उसके गहरे संबंध रहे हैं और अमन साव के एनकाउंटर के बाद पुलिस मयंक सिंह को इस नेटवर्क की अहम कड़ी मान रही है।







