तुलसी पूजन दिवस 2025: गुरुवार को करें विशेष पूजा, विष्णु कृपा से दूर होंगी बाधाएं

gmedianews24.com/नई दिल्ली। हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे को अत्यंत पवित्र माना गया है और इसकी पूजा देवी-देवताओं की तरह विधिपूर्वक की जाती है। इस वर्ष तुलसी पूजन दिवस 25 दिसंबर को गुरुवार के दिन पड़ रहा है। गुरुवार का दिन भगवान विष्णु की पूजा के लिए श्रेष्ठ माना जाता है और तुलसी माता स्वयं विष्णुप्रिया हैं, ऐसे में इस दिन का धार्मिक महत्व और भी बढ़ जाता है।
तुलसी पूजन दिवस पर जरूर करें ये कार्य
तुलसी पूजन दिवस के दिन सुबह स्नान कर पीले रंग के वस्त्र धारण करना शुभ माना जाता है। इसके बाद तुलसी माता की विधि-विधान से पूजा करें और 3 या 7 बार परिक्रमा अवश्य करें। मान्यता है कि ऐसा करने से तुलसी माता के साथ-साथ प्रभु श्रीहरि विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
नकारात्मक ऊर्जा होगी दूर
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, तुलसी पूजन दिवस पर सूर्यास्त के बाद तुलसी के सामने गाय के घी का दीपक जलाना अत्यंत शुभ होता है। इससे घर में मौजूद नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सकारात्मकता का संचार बना रहता है। साथ ही परिवार में शांति और खुशहाली आती है।
इन बातों का रखें विशेष ध्यान
तुलसी पूजन के शुभ फल पाने के लिए कुछ नियमों का पालन करना आवश्यक है। बिना स्नान किए तुलसी को स्पर्श नहीं करना चाहिए। सूर्यास्त के बाद तुलसी में जल अर्पित करना वर्जित माना गया है। इसके अलावा रविवार, अमावस्या और एकादशी के दिन तुलसी में जल चढ़ाने से बचना चाहिए।
तुलसी माता के प्रमुख मंत्र
तुलसी पूजन के दौरान इन मंत्रों का जाप करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है—
-
“ॐ तुलस्यै नमः”
-
महाप्रसाद जननी सर्व सौभाग्यवर्धिनी, आधि व्याधि हरा नित्यं तुलसी त्वं नमोस्तुते।
-
तुलसी गायत्री मंत्र –
ॐ तुलसीदेव्यै च विद्महे, विष्णुप्रियायै च धीमहि, तन्नो वृन्दा प्रचोदयात्। -
तुलसी स्तुति मंत्र –
देवी त्वं निर्मिता पूर्वमर्चितासि मुनीश्वरैः… -
तुलसी नामाष्टक मंत्र –
वृंदा वृंदावनी विश्वपूजिता विश्वपावनी…
धार्मिक मान्यता है कि तुलसी पूजन से घर में सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य लाभ और आध्यात्मिक उन्नति होती है।




