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किश्तवाड़ में रतले हाइड्रो प्रोजेक्ट पर मंडराया खतरा, 29 मजदूरों के टेरर लिंक मिलने से सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

gmedianews24.com/जम्मू-कश्मीर। जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में चिनाब नदी पर निर्माणाधीन रतले हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट को लेकर सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है। जम्मू-कश्मीर पुलिस के अनुसार, प्रोजेक्ट में काम कर रहे 29 मजदूरों के टेरर लिंक सामने आए हैं। पुलिस का कहना है कि ये कर्मचारी देश विरोधी और आपराधिक गतिविधियों से जुड़े रहे हैं, जिससे इस अहम परियोजना की सुरक्षा पर गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।

पुलिस ने प्रोजेक्ट का निर्माण कर रही कंपनी को पत्र लिखकर ऐसे कर्मचारियों को काम पर रखने के फैसले पर दोबारा विचार करने को कहा है। साथ ही चेतावनी दी है कि हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील होते हैं और दुश्मन देशों के निशाने पर रहते हैं।

वेरिफिकेशन में सामने आए चौंकाने वाले तथ्य

यह पूरा मामला 1 नवंबर का बताया जा रहा है, जिसकी जानकारी अब सामने आई है। दरअसल, पुलिस ने प्रोजेक्ट में कार्यरत मजदूरों का सत्यापन (वेरिफिकेशन) कराया था। जांच में पाया गया कि 29 मजदूरों में से 5 मजदूर ऐसे हैं, जो सक्रिय या सरेंडर कर चुके आतंकियों के रिश्तेदार हैं।

पुलिस के मुताबिक, एक कर्मचारी का चाचा हिजबुल मुजाहिदीन का आतंकी मोहम्मद अमीन है, जो प्रोजेक्ट में काम कर रहे दो अन्य मजदूरों का भाई भी बताया गया है। वहीं, एक अन्य कर्मचारी के पिता पहले आतंकी रह चुके हैं, हालांकि उन्होंने सरेंडर कर दिया था। एक मजदूर के पिता की पहचान ओवर ग्राउंड वर्कर (OGW) के रूप में दर्ज है। इसके अलावा शेष 24 कर्मचारियों के खिलाफ आपराधिक रिकॉर्ड पाया गया है।

एसएसपी ने जताई गंभीर चिंता

तत्कालीन किश्तवाड़ एसएसपी नरेश सिंह ने मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (MEIL) के मैनेजर को पत्र लिखकर इस पर गंभीर चिंता जताई थी। पत्र में कहा गया कि रतले हाइड्रो प्रोजेक्ट जैसे राष्ट्रीय महत्व के प्रोजेक्ट दुश्मन ताकतों के निशाने पर रहते हैं, ऐसे में संदिग्ध पृष्ठभूमि वाले मजदूरों की नियुक्ति गंभीर सुरक्षा जोखिम पैदा कर सकती है।

कंपनी का पक्ष

मेघा इंजीनियरिंग की ओर से पुलिस के पत्र का जवाब भी दिया गया है। कंपनी ने कहा है कि मजदूरों को हटाना मुश्किल है, क्योंकि वे स्वयं आतंकी या ओवर ग्राउंड वर्कर नहीं हैं और न ही उनके खिलाफ किसी आपराधिक मामले में दोष सिद्ध हुआ है। हालांकि, कंपनी ने यह आश्वासन दिया है कि इन कर्मचारियों की गतिविधियों पर सख्ती से निगरानी रखी जाएगी।

प्रोजेक्ट का महत्व

850 मेगावॉट क्षमता वाला रतले हाइड्रो प्रोजेक्ट, नेशनल हाइड्रो पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHPC) और जम्मू-कश्मीर सरकार का संयुक्त उपक्रम है, जिसकी अनुमानित लागत करीब 3700 करोड़ रुपये है। इस परियोजना की आधारशिला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2022 में रखी थी।

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