अरुणाचल प्रदेश में जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़, 10 दिन में 4 संदिग्ध गिरफ्तार

gmedianews24.com/ईटानगर। अरुणाचल प्रदेश में जासूसी नेटवर्क के खुलासे और सीमा से जुड़ी संदिग्ध गतिविधियों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। पुलिस ने बीते 10 दिनों के भीतर पाकिस्तान से जुड़े जासूसी नेटवर्क के चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि ये लोग सेना की गतिविधियों सहित अन्य संवेदनशील जानकारियां विदेशी हैंडलर्स तक पहुंचा रहे थे।
इसी बीच, स्थानीय लोगों ने लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) के समीप चीनी सेना की मौजूदगी और संभावित घुसपैठ की सूचनाएं भी दी हैं। इन इनपुट्स के बाद सीमा क्षेत्रों में सुरक्षा एजेंसियां और अधिक सतर्क हो गई हैं।
पाकिस्तानी हैंडलर्स से संपर्क का आरोप
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए संदिग्ध लंबे समय से सेना की मूवमेंट, संवेदनशील ठिकानों और अन्य रणनीतिक जानकारियों पर नजर रखे हुए थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ये सूचनाएं पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स को भेजी जा रही थीं। जांच एजेंसियों को इस नेटवर्क के चीन से जुड़े होने के भी संकेत मिले हैं, जिसकी गहराई से पड़ताल की जा रही है।
हाइब्रिड वॉर की रणनीति का संदेह
सुरक्षा विशेषज्ञ इस पूरे घटनाक्रम को ‘हाइब्रिड वॉर’ की रणनीति से जोड़कर देख रहे हैं। उनका कहना है कि इसमें जासूसी नेटवर्क, सीमा पर दबाव, संभावित घुसपैठ और सूचना युद्ध को एक साथ इस्तेमाल किया जाता है, ताकि देश की सुरक्षा व्यवस्था को कमजोर किया जा सके।
गृह मंत्री का सख्त संदेश
राज्य के गृह मंत्री मामा नातुंग ने मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि जासूसी गतिविधियों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और ऐसे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
फिलहाल, सुरक्षा एजेंसियां गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही हैं और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश भी तेज कर दी गई है। सीमा क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी तरह की घुसपैठ या संदिग्ध गतिविधि को समय रहते रोका जा सके।





