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Vastu Tips for Doormat: सही पायदान से घर में आएगी सकारात्मक ऊर्जा, जानें रंग और आकार का महत्व

gmedianews24.com/नई दिल्ली। वास्तु शास्त्र के अनुसार घर का हर कोना और उसमें रखी हर वस्तु का विशेष महत्व होता है। मेन एंट्रेंस से लेकर बेडरूम और बाथरूम तक, हर स्थान और वस्तु का सही दिशा और स्थान पर होना जरूरी माना गया है। घर का मुख्य द्वार वह स्थान होता है, जहां से सकारात्मक ऊर्जा और सौभाग्य का प्रवेश होता है। ऐसे में यदि मुख्य द्वार को वास्तु के अनुसार व्यवस्थित किया जाए, तो घर में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है।

इसी क्रम में घर के बाहर रखा जाने वाला डोरमेट (पायदान) भी वास्तु की दृष्टि से काफी अहम माना गया है। आमतौर पर लोग पायदान खरीदते समय इस पर ज्यादा ध्यान नहीं देते, लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार सही रंग और आकार का पायदान घर से नकारात्मक ऊर्जा को बाहर रखने में सहायक होता है।

पायदान का सही रंग है बेहद जरूरी

वास्तु शास्त्र के अनुसार, पायदान का रंग घर के मुख्य द्वार की दिशा के अनुरूप होना चाहिए।

  • पूर्व दिशा का प्रवेश द्वार: सफेद, पीला या क्रीम रंग का पायदान शुभ माना जाता है। यह दिशा सूर्य की मानी जाती है और इन रंगों से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।

  • दक्षिण दिशा का प्रवेश द्वार: लाल, गुलाबी या नारंगी रंग का पायदान रखना शुभ होता है।

  • पश्चिम दिशा का प्रवेश द्वार: भूरे, हरे या नीले रंग के पायदान का चयन करें।

  • उत्तर दिशा (बुध दिशा) का प्रवेश द्वार: हरे रंग का पायदान सबसे उत्तम माना गया है।

वास्तु शास्त्र के अनुसार, यदि गलत दिशा में गलत रंग का पायदान रखा जाए तो उसका नकारात्मक प्रभाव समय के साथ घर के वातावरण पर पड़ सकता है।

पायदान के आकार का भी है महत्व

बाजार में पायदान कई आकारों में उपलब्ध होते हैं, लेकिन वास्तु के अनुसार इनके आकार का भी जीवन पर असर पड़ता है।

  • आयताकार पायदान: जीवन में स्थिरता लाता है और पारिवारिक व सामाजिक रिश्तों को मजबूत करता है।

  • गोलाकार पायदान: व्यक्तिगत जीवन को संतुलित रखता है और बाधाओं को दूर करने में मदद करता है।

  • अंडाकार पायदान: आर्थिक स्थिति को मजबूत करने वाला माना जाता है।

वास्तु शास्त्र में बताया गया है कि छोटे-छोटे उपाय भी जीवन में बड़ा सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। यदि मुख्य द्वार पर सही रंग और आकार का पायदान रखा जाए, तो घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहता है और सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है।

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