नए साल पर घर में शिवलिंग स्थापना से बढ़ती है सुख-समृद्धि, जानें वास्तु शास्त्र के नियम

gmedianews24.com/नई दिल्ली। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रोजाना शिवलिंग का अभिषेक करने से जीवन के दुख, संकट और नकारात्मक प्रभाव दूर होते हैं। मान्यता है कि भगवान शिव की नियमित पूजा से परिवार पर महादेव की विशेष कृपा बनी रहती है। हालांकि, घर में शिवलिंग स्थापित करने से पहले वास्तु शास्त्र के नियमों का पालन करना अत्यंत आवश्यक माना गया है, ताकि पूजा का पूरा शुभ फल प्राप्त हो सके।
वास्तु शास्त्र के अनुसार, नए साल के दिन घर में शिवलिंग की स्थापना कर विशेष विधि से अभिषेक करने से स्वास्थ्य में सुधार, धन-समृद्धि में वृद्धि और नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है। ऐसे में आइए जानते हैं कि शिवलिंग को किस दिशा में स्थापित करना शुभ माना जाता है और किन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
किस दिशा में स्थापित करें शिवलिंग
वास्तु शास्त्र के अनुसार, उत्तर और उत्तर-पूर्व (ईशान) दिशा शिवलिंग स्थापना के लिए सबसे शुभ मानी जाती है। यह दिशा देवी-देवताओं की दिशा मानी जाती है। इस दिशा में शिवलिंग स्थापित करने से घर में सुख-शांति का वास होता है और भगवान शिव की कृपा से रुके हुए कार्य पूरे होते हैं।
विशेष ध्यान रखें कि शिवलिंग की जलाधारी का मुख उत्तर या पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए।
घर में कितने शिवलिंग रखना उचित
वास्तु शास्त्र में घर में एक से अधिक शिवलिंग रखने की मनाही बताई गई है। मान्यता है कि एक से अधिक शिवलिंग स्थापित करने से ऊर्जा का संतुलन बिगड़ सकता है। इसलिए घर में केवल एक ही शिवलिंग स्थापित करने की सलाह दी जाती है।
पूजा के दौरान इन बातों का रखें ध्यान
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शिवलिंग को गंदे हाथों से न छुएं।
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अभिषेक के लिए चांदी, पीतल या मिट्टी के बर्तन का ही प्रयोग करें।
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अभिषेक के समय भगवान शिव के मंत्रों का जप करें।
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पूजा के दौरान काले वस्त्र पहनने से बचें।
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पूजा करते समय मन में किसी के प्रति गलत विचार न रखें।
वास्तु शास्त्र में देवी-देवताओं की प्रतिमा या शिवलिंग की स्थापना के लिए दिशा को अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। सही दिशा और विधि से पूजा-अर्चना करने पर साधक को शुभ फल प्राप्त होता है और घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। शिवलिंग की स्थापना से पहले किसी ज्योतिष या वास्तु विशेषज्ञ की सलाह लेना भी लाभकारी माना जाता है







