
gmedianews24.com/ढाका। भारत के पड़ोसी देश बांग्लादेश में हालात एक बार फिर बेकाबू हो गए हैं। ‘जुलाई विद्रोह’ के प्रमुख नेता और शेख हसीना विरोधी नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद देश के कई हिस्सों में हिंसा भड़क उठी है। हादी की मौत की खबर फैलते ही प्रदर्शनकारियों और कट्टरपंथी समूहों ने जमकर तोड़फोड़, आगजनी और हिंसक प्रदर्शन किए।
जानकारी के अनुसार, गुरुवार देर रात ढाका समेत कई शहरों में प्रदर्शनकारियों ने प्रमुख अखबारों के दफ्तरों को निशाना बनाया। राजधानी ढाका में प्रथम आलो और डेली स्टार जैसे बड़े अखबारों के दफ्तरों में घुसकर तोड़फोड़ की गई और आग लगा दी गई। वहीं राजशाही में अवामी लीग के दफ्तर को भी आग के हवाले कर दिया गया।
भारत और अवामी लीग के खिलाफ नारे
प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने अवामी लीग और भारत के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हालात उस वक्त और गंभीर हो गए जब कई इलाकों से हिंदुओं को टारगेट कर हमले किए जाने की खबरें सामने आईं। एक मामले में कट्टरपंथियों द्वारा एक हिंदू युवक को बेरहमी से पीटने के बाद उसे आग के हवाले कर दिया गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद अल्पसंख्यकों में भारी दहशत का माहौल है।
हादी की हत्या से भड़का आक्रोश
बताया जा रहा है कि ‘जुलाई विद्रोह’ के प्रमुख नेता और इंकलाब मंच के संयोजक उस्मान हादी को 12 दिसंबर को ढाका में चुनाव प्रचार के दौरान सिर में गोली मारी गई थी। गंभीर हालत में पहले उन्हें स्थानीय अस्पतालों में भर्ती कराया गया, बाद में इलाज के लिए सिंगापुर ले जाया गया। गुरुवार रात इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
हमले से कुछ घंटे पहले उस्मान हादी ने सोशल मीडिया पर ग्रेटर बांग्लादेश का नक्शा साझा किया था, जिसमें भारत के पूर्वोत्तर राज्यों (सेवन सिस्टर्स) को शामिल दिखाया गया था। इसे लेकर पहले से ही विवाद चल रहा था।





