मासिक शिवरात्रि 2025: पौष माह की शिवरात्रि आज

gmedianews24.com/नई दिल्ली। पंचांग के अनुसार प्रत्येक माह कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि का व्रत किया जाता है। इस व्रत का विशेष महत्व भगवान शिव की आराधना के लिए माना गया है। पौष माह की मासिक शिवरात्रि पर भक्त उपवास रखकर रात्रि में विधि-विधान से महादेव की पूजा-अर्चना करते हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मासिक शिवरात्रि पर भगवान शिव की पूजा मध्य रात्रि में करना विशेष फलदायी होता है। पंचांग के अनुसार पौष माह की मासिक शिवरात्रि पर पूजन का शुभ समय रात 11 बजकर 51 मिनट से देर रात 12 बजकर 51 मिनट तक रहेगा। इस अवधि में शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा, भस्म और पुष्प अर्पित कर रुद्राभिषेक एवं मंत्र जाप करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।
मासिक शिवरात्रि का महत्व
शास्त्रों के अनुसार, मासिक शिवरात्रि का व्रत करने से भक्तों के कष्ट दूर होते हैं, मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सुख-शांति आती है। इस दिन शिव चालीसा, महामृत्युंजय मंत्र और “ॐ नमः शिवाय” का जाप अत्यंत फलदायी माना गया है।
शिव चालीसा का पाठ क्यों है विशेष?
मान्यता है कि शिवरात्रि के दिन शिव चालीसा का श्रद्धा से पाठ करने से भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होते हैं। शिव चालीसा में महादेव की महिमा, उनके रूप, करुणा और भक्तवत्सल स्वभाव का वर्णन किया गया है। इससे भय, रोग, ऋण और संकटों से मुक्ति मिलती है।







