Geeta Jayanti 2025 : मोक्षदा एकादशी पर गीता जयंती, जानें सही गीता पाठ के नियम और महत्व

gmedianews24.com/नई दिल्ली। हर साल मोक्षदा एकादशी के दिन गीता जयंती का पर्व मनाया जाता है। यह दिन हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र माना जाता है क्योंकि इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को भगवद गीता का ज्ञान दिया था। गीता जयंती पर पाठ करने से जीवन में सकारात्मक बदलाव और मानसिक शांति प्राप्त होती है। लेकिन पाठ का पूरा लाभ पाने के लिए कुछ विशेष नियमों का पालन करना जरूरी है।
गीता पाठ से पहले करें ये काम
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सुबह उठकर स्नान करें और साफ-सुथरे कपड़े पहनें।
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एक स्वच्छ और शांत स्थान पर आसन बिछाकर बैठें।
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भगवान का ध्यान करते हुए श्रीमद्भागवत गीता का पाठ प्रारंभ करें।
पाठ के दौरान ध्यान रखने योग्य बातें
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गीता पाठ की जगह हमेशा स्वच्छ और शांतिपूर्ण होनी चाहिए।
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पढ़ाई के दौरान एकाग्रता बनाए रखें और किसी से बातचीत न करें।
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शुरू किया हुआ अध्याय पूरा करने के बाद ही उठें।
गीता पाठ में होने वाली गलतियों से बचें
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गीता को कभी सीधे जमीन पर न रखें, हमेशा लकड़ी की चौकी या आसन पर रखें।
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गीता को गंदे हाथों से न छुएं।
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पाठ के दौरान नकारात्मक विचार न लाएं।
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इसे पढ़ते समय हाथ में पकड़कर पाठ न करें।
हिंदू धर्म में मान्यता है कि इन नियमों का पालन करने से गीता पाठ का पूर्ण फल मिलता है और व्यक्ति का जीवन सकारात्मक और आत्मिक रूप से समृद्ध होता है।




