
gmedianews24.com/रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का शीतकालीन सत्र इस साल 14 दिसंबर से शुरू होकर 17 दिसंबर तक चलेगा। चार दिनों के इस संक्षिप्त सत्र में कई महत्वपूर्ण विधायी कार्य प्रस्तावित हैं, जिनमें सबसे ज्यादा चर्चा का विषय धर्मांतरण संशोधन विधेयक रहने वाला है। राज्य के गृहमंत्री विजय शर्मा ने पुष्टि की है कि सरकार इस सत्र में यह विधेयक पेश करेगी।
सरकार द्वारा लाए जाने वाले इस संशोधन विधेयक को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर पहले से ही बहस तेज है। धर्मांतरण के मामलों में सख्ती लाने और प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से यह विधेयक तैयार किया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, इसमें बिना अनुमति धर्मांतरण कराने वालों पर कठोर दंड का प्रावधान रखा गया है।
विधानसभा में प्रस्तुत होने वाले इस प्रस्तावित संशोधन पर सिलेक्ट कमेटी के सदस्यों से टीम ने अलग-अलग चर्चा की। कमेटी के सदस्यों ने बताया कि संशोधन के विभिन्न प्रावधानों पर विस्तृत अध्ययन किया गया है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए अपनी-अपनी राय सरकार को भेजी गई है। सदस्यों ने कहा कि राज्य में बढ़ते कथित जबरन धर्मांतरण के मामलों को रोकने के लिए इस कानून को आवश्यक माना जा रहा है।
वहीं विपक्ष ने इस संशोधन को लेकर सवाल उठाते हुए कहा है कि सरकार धार्मिक मुद्दों को राजनीतिक रूप देने की कोशिश कर रही है। विपक्ष का तर्क है कि मौजूदा कानून पहले से पर्याप्त है, और उसकी प्रभावी रूप से क्रियान्वयन की जरूरत है, न कि नए संशोधन की।







