
gmedianews24.com/चैत्र नवरात्र 2026 के पावन पर्व का पांचवां दिन स्कंदमाता को समर्पित है। स्कंदमाता भगवान कार्तिकेय की माता हैं और आदि-शक्ति के ममतामयी स्वरूप के रूप में पूजी जाती हैं। यह दिन शिव और शक्ति की कृपा पाने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, स्कंदमाता की पूजा और भव्य आरती करने से ज्ञान और बुद्धि में वृद्धि होती है और संतान से जुड़ी समस्याएं दूर होती हैं।
इस अवसर पर मंदिरों और घरों में विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया। भक्त सुबह से ही मंदिरों में उपस्थित होकर देवी की आरती कर उनके आशीर्वाद की कामना कर रहे हैं।
स्कंदमाता की आरती का महत्व
आरती में देवी के गुणों और शक्ति का वर्णन किया गया है। इसमें कहा गया है कि स्कंदमाता दुष्टों का नाश करती हैं, भक्तों की रक्षा करती हैं और सभी प्रकार की विपत्तियों को दूर करती हैं। आरती के माध्यम से भक्त देवी से अपने मनोकामना पूर्ण होने की प्रार्थना करते हैं।
आरती अम्बा जी
इस दिन श्रद्धालु स्कंदमाता के अलावा अम्बा गौरी की आरती भी करते हैं। आरती में माता के रूप, भक्ति और उनके शक्तिशाली कारनामों का बखान किया जाता है। कहा जाता है कि माता अम्बा की आरती पढ़ने या गाने से घर में सुख-समृद्धि आती है और जीवन की सभी बाधाओं का नाश होता है।
धार्मिक विद्वानों का मानना है कि चैत्र नवरात्र के इस पावन दिन देवी स्कंदमाता की भक्ति से मानसिक शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि प्राप्त होती है। भक्तगण इस अवसर पर विशेष रूप से देवी के मंत्रों का जाप और पूजा-अर्चना में लीन रहते हैं।
इस वर्ष भी देशभर के मंदिरों और घरों में पांचवें दिन की पूजा में भारी श्रद्धा और उमंग देखने को मिली। भक्तों ने माता से अपने परिवार की खुशहाली, संतान सुख और ज्ञान की वृद्धि की कामना की।







