
gmedianews24.com/नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट के दिग्गज सुनील गावस्कर ने विदेशी टी20 लीगों में भारतीय मालिकाना हक वाली फ्रेंचाइजियों द्वारा पाकिस्तानी खिलाड़ियों को शामिल किए जाने पर सख्त ऐतराज जताया है। गावस्कर का यह बयान उस समय आया है जब इंग्लैंड की लीग ‘द हंड्रेड’ (The Hundred 2026) के लिए सनराइजर्स लीड्स (Sunrisers Leeds) ने पाकिस्तानी स्पिनर अबरार अहमद को करीब ₹2.34 करोड़ (£190,000) में अपनी टीम में शामिल किया है।
“खून की कमाई” वाले बयान से मचा हड़कंप
मिड-डे (Mid-Day) के लिए लिखे अपने कॉलम में गावस्कर ने बेहद कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि पाकिस्तानी खिलाड़ियों को दिया जाने वाला पैसा अंततः भारतीय सैनिकों और नागरिकों की जान के लिए खतरा बनता है। गावस्कर ने लिखा:
“यह महसूस करना जरूरी है कि पाकिस्तानी खिलाड़ियों को दी जाने वाली फीस का एक हिस्सा वे अपनी सरकार को इनकम टैक्स के रूप में देते हैं। वही सरकार उस पैसे से हथियार खरीदती है, जो परोक्ष रूप से भारतीय सैनिकों और नागरिकों की शहादत का कारण बनते हैं।”
फ्रेंचाइजी मालिकों पर साधा निशाना
गावस्कर ने स्पष्ट किया कि चाहे कंपनी भारतीय हो या उसकी कोई विदेशी सहायक शाखा, यदि उसका मालिक भारतीय है, तो जिम्मेदारी उन्हीं की बनती है। उन्होंने सनराइजर्स की मालिक काव्या मारन और टीम प्रबंधन की संवेदनशीलता पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या एक टूर्नामेंट जीतना भारतीयों की जान से ज्यादा कीमती है?
उन्होंने टीम के हेड कोच डेनियल विटोरी (न्यूजीलैंड) पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि एक विदेशी कोच शायद भारत-पाकिस्तान के इन जटिल समीकरणों को न समझ पाए, लेकिन भारतीय मालिकों को इस खरीद को रोकना चाहिए था।
सोशल मीडिया पर ‘बॉयकॉट’ की मांग
अबरार अहमद की खरीद के बाद से ही सोशल मीडिया पर सनराइजर्स फ्रेंचाइजी को भारी विरोध का सामना करना पड़ रहा है।
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विवाद की वजह: प्रशंसकों का आरोप है कि अबरार अहमद ने अतीत में सोशल मीडिया पर भारतीय सुरक्षा बलों और टीम इंडिया को लेकर आपत्तिजनक पोस्ट किए थे।
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अकाउंट सस्पेंड: विरोध इतना बढ़ा कि सनराइजर्स लीड्स के आधिकारिक ‘X’ (ट्विटर) हैंडल को भारी ट्रोलिंग के कारण कुछ समय के लिए डिएक्टिवेट करना पड़ा।
ललित मोदी ने भी दी प्रतिक्रिया
पूर्व आईपीएल चेयरमैन ललित मोदी ने भी इस विवाद में कूदते हुए काव्या मारन को सलाह दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि जब प्रशंसक पहले से ही संवेदनशील मूड में हों, तब पाकिस्तानी खिलाड़ी पर करोड़ों खर्च करना ‘ऑप्टिक्स’ (छवि प्रबंधन) के लिहाज से गलत फैसला है।







