जमाखोरी पर प्रशासन का प्रहार: 450 से अधिक सिलेंडर जब्त
किल्लत का फायदा उठाकर कालाबाजारी करने वालों पर प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। खाद्य विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में छापेमारी कर अब तक 450 से अधिक अवैध सिलेंडर जब्त किए हैं। जांच में पता चला कि कुछ बिचौलिए घरेलू सिलेंडरों को होटल और कमर्शियल संस्थानों को ऊंचे दामों पर बेच रहे थे।
गैस की कमी ने रसोई के बजट को पूरी तरह बिगाड़ दिया है। गैस का विकल्प माने जाने वाले इंडक्शन कुकटॉप की कीमतों में बाजार में 10 से 20 प्रतिशत का उछाल आया है। रायपुर के गोल बाजार और मालवीय रोड के इलेक्ट्रॉनिक स्टोर्स में स्टॉक खत्म होने की कगार पर है। दुकानदार पैनिक बाइंग (घबराहट में खरीदारी) का फायदा उठाकर पुराने स्टॉक को भी महंगे दाम पर बेच रहे हैं।
“सर्वर पर लोड और वैश्विक सप्लाई चेन में बाधा के कारण ऑनलाइन सिस्टम प्रभावित है। हम मैनुअल बुकिंग ले रहे हैं लेकिन स्टॉक कम है। लोगों से अपील है कि वे पैनिक न करें, प्राथमिकता के आधार पर डिलीवरी दी जा रही है।”
— अध्यक्ष, एलपीजी वितरक संघ, छत्तीसगढ़
“तीन दिन से चूल्हा नहीं जला है। एजेंसी के बाहर 4 घंटे लाइन में खड़ा रहने के बाद बताया गया कि स्टॉक खत्म हो गया है। इंडक्शन खरीदने गया तो जो चूल्हा 2500 का था, अब 3200 में मिल रहा है।”
— संतोष साहू, स्थानीय निवासी, टिकरापारा
इस संकट ने न केवल आम आदमी की थाली को प्रभावित किया है, बल्कि छोटे होटल और टिफिन सेंटर्स के बंद होने की नौबत आ गई है। प्रशासन ने आने वाले दिनों के लिए सख्त गाइडलाइंस जारी की हैं:
- राशन कार्ड अनिवार्य: अब कई एजेंसियों ने बिना फिजिकल वेरिफिकेशन और पुराने कार्ड के बुकिंग लेना बंद कर दिया है।
- इंडक्शन की कीमतों पर नजर: कलेक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे बिजली के उपकरणों की कीमतों में हो रही अवैध बढ़ोतरी पर लगाम लगाएं।
- एक सिलेंडर की सीमा: फिलहाल पैनिक को रोकने के लिए एक उपभोक्ता को महीने में एक से ज्यादा रिफिल देने पर रोक लगा दी गई है।
आने वाले हफ्ते में यदि आपूर्ति सामान्य नहीं हुई, तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग केंद्र सरकार के पेट्रोलियम मंत्रालय के साथ लगातार संपर्क में है ताकि छत्तीसगढ़ के कोटे में बढ़ोतरी की जा सके।







