कैफे का बोर्ड और नीचे हॉल में ‘सीक्रेट’ सभा
मामले का खुलासा तब हुआ जब स्थानीय लोगों को कॉम्प्लेक्स की गतिविधियों पर संदेह हुआ। जांच में पता चला कि ऊपरी मंजिल पर एक कैफे का बोर्ड लगा था, ताकि बाहर से किसी को शक न हो। वहीं, नीचे के हॉल को किराए पर लेकर बड़ी संख्या में लोगों को बुलाया गया था। आरोप है कि यहां प्रलोभन देकर मतांतरण कराया जा रहा था। खबर मिलते ही भारी संख्या में प्रदर्शनकारी वहां पहुंच गए और नारेबाजी शुरू कर दी।
हिंदूवादी संगठनों का प्रदर्शन, पुलिस ने संभाला मोर्चा
हंगामे की सूचना मिलते ही सिविल लाइन पुलिस बल मौके पर पहुंचा। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि राजधानी के बीचों-बीच इस तरह का नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय है। पुलिस ने आक्रोशित भीड़ को शांत कराया और हॉल के अंदर मौजूद लोगों से पूछताछ की। शिकायत के आधार पर पुलिस ने छत्तीसगढ़ धर्म स्वतंत्रता अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की है। गिरफ्तार किए गए लोगों से पूछताछ की जा रही है कि इस नेटवर्क के तार कहां-कहां जुड़े हैं।
“हमें कटोरा तालाब इलाके में अवैध सभा की सूचना मिली थी। प्राथमिक जांच और शिकायत के आधार पर 4 लोगों को हिरासत में लिया गया है। हम कॉम्प्लेक्स के रेंट एग्रीमेंट और सभा के उद्देश्यों की जांच कर रहे हैं। शांति भंग करने की कोशिश करने वालों पर भी नजर है।”
— थाना प्रभारी, सिविल लाइन पुलिस स्टेशन, रायपुर
इस घटना के बाद कटोरा तालाब और चौपाटी इलाके में पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है। स्थानीय दुकानदारों और निवासियों में इस खुलासे के बाद सुरक्षा को लेकर चिंता है। पुलिस प्रशासन अब शहर के अन्य संदिग्ध ठिकानों और किराए पर लिए गए हॉल की सूची खंगालने की योजना बना रहा है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना सीधे डायल 112 पर दें और कानून हाथ में न लें।






