
gmedianews24.comबिलासपुर: छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती दी गई है। जिला एवं सत्र न्यायालय को शुक्रवार को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल प्राप्त हुआ, जिससे पूरे न्यायिक परिसर में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन ने आनन-फानन में कोर्ट परिसर को खाली कराने की प्रक्रिया शुरू की और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
ईमेल आते ही एक्टिव हुआ पुलिस महकमा
जैसे ही न्यायालय प्रशासन को धमकी भरा मेल मिला, इसकी सूचना तत्काल जिला पुलिस अधीक्षक और वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई। देखते ही देखते पूरा कोर्ट परिसर छावनी में तब्दील हो गया। बम निरोधक दस्ता (BDDS) और डॉग स्क्वॉड की टीमें मौके पर पहुँचीं। वकीलों, पक्षकारों और कर्मचारियों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए गए।
तीसरी बार मिली धमकी, जांच के घेरे में ‘साइबर टेरर’
हैरानी की बात यह है कि बिलासपुर जिला न्यायालय को इस तरह की धमकी मिलने का यह तीसरा मामला है। इससे पहले भी दो बार इसी तरह के फर्जी या धमकी भरे ईमेल आ चुके हैं। बार-बार मिल रही इन धमकियों ने पुलिस की नींद उड़ा दी है। साइबर सेल की टीम ईमेल के IP एड्रेस को ट्रैक करने में जुटी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह संदेश कहाँ से और किसने भेजा है।
कोर्ट परिसर की सघन तलाशी
पुलिस की टीमें कोर्ट रूम, पार्किंग एरिया, कैंटीन और जजों के चैंबर के आसपास सघन तलाशी ले रही हैं। मेटल डिटेक्टर से हर आने-जाने वाले की जांच की जा रही है। हालांकि, अभी तक किसी भी संदिग्ध वस्तु के मिलने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन एहतियात के तौर पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
“हम मामले को बेहद गंभीरता से ले रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियां अपना काम कर रही हैं। बार-बार मिल रही इन धमकियों के पीछे की मंशा और दोषियों का पता लगाने के लिए विशेष टीम गठित की गई है।” > — वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, बिलासपुर







