
gmedianews24.com/ लंदन/नई दिल्ली: पंजाब नेशनल बैंक (PNB) महाघोटाले के मुख्य आरोपी और भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी को ब्रिटेन में बड़ा झटका लगा है। लंदन स्थित हाई कोर्ट ने भारत प्रत्यर्पण से बचने के लिए दायर उसकी पुनर्विचार याचिका को खारिज कर दिया है। इस फैसले के बाद नीरव मोदी को भारत लाने का रास्ता और साफ हो गया है।
जानकारी के मुताबिक, नीरव मोदी ने हाई कोर्ट ऑफ जस्टिस, किंग्स बेंच डिवीजन में अपने प्रत्यर्पण मामले को दोबारा खोलने की मांग की थी। हालांकि कोर्ट ने स्पष्ट किया कि याचिका में ऐसे कोई असाधारण हालात नहीं पाए गए, जिनके आधार पर मामले की दोबारा सुनवाई की जाए।
इस दौरान क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस (CPS) के वकील ने अदालत में जोरदार पक्ष रखा, जिसमें उन्हें CBI की विशेष टीम का पूरा सहयोग मिला। सुनवाई के लिए भारत से गए जांच अधिकारियों ने भी अहम भूमिका निभाई। नीरव मोदी ने अपनी याचिका को हथियार डीलर संजय भंडारी के मामले में आए फैसले के आधार पर पेश किया था, लेकिन अदालत ने इसे खारिज कर दिया।
गौरतलब है कि CBI वर्ष 2018 से ही नीरव मोदी के प्रत्यर्पण की मांग कर रही है। 2019 में ब्रिटेन में गिरफ्तारी के बाद वहां की अदालतें पहले ही उसके प्रत्यर्पण को मंजूरी दे चुकी हैं। अब तक मोदी की ओर से दाखिल की गई अधिकांश अपीलें खारिज हो चुकी हैं।
नीरव मोदी पर अपने मामा मेहुल चोकसी के साथ मिलकर करीब ₹13,000 करोड़ के PNB घोटाले को अंजाम देने का आरोप है। अकेले नीरव मोदी पर ही ₹6,498.20 करोड़ के गबन के आरोप दर्ज हैं।
CBI की मजबूत पैरवी के बाद आए इस फैसले को भारत सरकार के लिए बड़ी कानूनी सफलता माना जा रहा है। इससे स्पष्ट है कि सरकार भगोड़े आर्थिक अपराधियों को कानून के दायरे में लाने के लिए लगातार प्रयासरत है।







