
/gmedianews24.com/बिलासपुर। जिले के शिक्षा विभाग में बड़े वित्तीय घोटाले के आरोप सामने आने से हड़कंप मच गया है। युवा कांग्रेस के प्रदेश महासचिव अंकित गौरहा ने आरोप लगाया है कि कोटा बीईओ कार्यालय में पदस्थ एक प्यून को हर महीने 4 से 4.50 लाख रुपए तक भत्ता दिया गया, जिससे करीब 30 लाख रुपए उसके खाते में ट्रांसफर किए गए।
अधिकारियों पर मिलीभगत का आरोप
अंकित गौरहा ने प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) विजय टांडे और स्थापना शाखा के जूनियर ऑडिटर सुनील यादव पर मिलीभगत का आरोप लगाया है। उन्होंने मामले की शिकायत प्रमुख सचिव से करते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
सामान्य वेतन से कई गुना अधिक भुगतान
जानकारी के मुताबिक, देवेंद्र कुमार पालके कोटा बीईओ कार्यालय में प्यून के पद पर पदस्थ थे। आरोप है कि उन्हें वर्दी धुलाई भत्ता और अन्य मदों के नाम पर हर महीने लाखों रुपए का भुगतान किया गया, जो सामान्य वेतन संरचना से कई गुना अधिक है।
6 महीने में 30 लाख का भुगतान
शिकायत में बताया गया है कि सितंबर 2024 से फरवरी 2025 के बीच करीब 30 लाख रुपए कर्मचारी कोड के जरिए उनके खाते में डाले गए। यह भुगतान उस समय हुआ जब विजय टांडे कोटा में बीईओ के साथ-साथ आहरण-संवितरण अधिकारी (DDO) की जिम्मेदारी भी संभाल रहे थे।
बिना अनुमति संभव नहीं: शिकायतकर्ता
अंकित गौरहा का कहना है कि इतनी बड़ी राशि का भुगतान बिना उच्च अधिकारियों की जानकारी और अनुमति के संभव नहीं है, जिससे पूरे मामले में मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है।
डीईओ ने आरोपों को बताया निराधार
वहीं प्रभारी डीईओ विजय टांडे ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि मामले की जांच संयुक्त संचालक शिक्षा द्वारा की जा रही है और जांच के बाद सच्चाई सामने आ जाएगी।







