[metaslider id="31163"]
Featuredछत्तीसगढ़

Railway Waiting List Relief News : सफर हुआ आसान , स्पेशल ट्रेन का विस्तार, कंफर्म टिकट की उम्मीदों को मिला ‘ग्रीन सिग्नल’

  • बड़ा बदलाव: रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए हटिया-दुर्ग स्पेशल ट्रेन के फेरे बढ़ा दिए हैं।
  • दुर्ग से शेड्यूल: दुर्ग से यह ट्रेन हर बुधवार और शुक्रवार को रवाना होगी।
  • हटिया से शेड्यूल: हटिया से दुर्ग के लिए ट्रेन हर मंगलवार और गुरुवार को पटरी पर उतरेगी।

/gmedianews24.com/Railway Waiting List Relief News  , दुर्ग — दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने यात्रियों की लंबी वेटिंग लिस्ट को ‘क्लीन बोल्ड’ करने के लिए अपनी रणनीति बदल दी है। हटिया और दुर्ग के बीच चलने वाली स्पेशल ट्रेन अब हफ्ते में केवल एक दिन नहीं, बल्कि दो दिन अपनी रफ्तार भरेगी। रेलवे का यह फैसला उन सैकड़ों यात्रियों के लिए संजीवनी जैसा है जो झारखंड और छत्तीसगढ़ के बीच सफर के लिए कंफर्म टिकट को लेकर परेशान रहते थे। अब इस रूट पर फ्रीक्वेंसी बढ़ने से यात्रियों के पास सफर के ज्यादा विकल्प मौजूद होंगे।

Ramavatar Jaggi Murder Case Update : इंसाफ का ‘इंजरी टाइम’, रामावतार जग्गी मर्डर केस में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा हस्तक्षेप, हाईकोर्ट में फिर शुरू हुई गवाही

मैदान पर नई फ्रीक्वेंसी: मंगलवार से शुक्रवार तक का पूरा ‘गेमप्लान’

रेलवे प्रशासन ने इस ट्रेन के संचालन को इस तरह सेट किया है कि सप्ताह के बीच में यात्रियों को ज्यादा से ज्यादा कनेक्टिविटी मिल सके। यह फैसला रीयल-टाइम पैसेंजर डेटा के आधार पर लिया गया है।

  • दुर्ग का ‘लाइनअप’: दुर्ग जंक्शन से यह ट्रेन अब हफ्ते के मध्य और अंत (बुधवार और शुक्रवार) को चलेगी, जिससे वीकेंड यात्रियों को फायदा होगा।
  • हटिया का ‘स्पेल’: हटिया स्टेशन से यह ट्रेन मंगलवार और गुरुवार को रवाना होगी, जिससे छत्तीसगढ़ की ओर आने वाले कारोबारियों और छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी।
  • क्षमता विस्तार: फेरे बढ़ने से इस रूट पर प्रति सप्ताह उपलब्ध सीटों की संख्या 100% तक बढ़ जाएगी।

बिलासपुर और रायपुर मंडल के अधिकारियों ने इस विस्तार के लिए जरूरी रैक मैनेजमेंट को हरी झंडी दे दी है। अब स्टेशनों पर भीड़ का दबाव कम होने की उम्मीद है।

“यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए हमने हटिया-दुर्ग स्पेशल के फेरे बढ़ाने का निर्णय लिया है। हमारा लक्ष्य वेटिंग लिस्ट को कम करना और यात्रा को आरामदायक बनाना है। शेड्यूल को इस तरह डिजाइन किया गया है कि दोनों राज्यों के यात्रियों को समान लाभ मिले।”
— जनसंपर्क अधिकारी (PRO), दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे

Related Articles

Back to top button