
gmedianews24.com/नई दिल्ली/लंदन। ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में भारत और यूनाइटेड किंगडम (यूके) के मजबूत होते संबंधों की खुलकर सराहना की है। एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सुनक ने कहा कि दोनों देश न केवल तकनीकी क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं, बल्कि AI सुरक्षा और नियमन को लेकर भी समान सोच रखते हैं।
‘AI सुपरपावर’ के रूप में उभरे भारत और यूके
सुनक ने स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के ‘AI इंडेक्स’ का हवाला देते हुए भारत और यूके को वैश्विक स्तर पर “AI सुपरपावर” बताया। उन्होंने स्वीकार किया कि हालिया रैंकिंग में भारत ने यूके को पीछे छोड़ दिया है।
इस दौरान उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बातचीत का जिक्र करते हुए कहा कि “AI रैंकिंग में भले ही भारत आगे निकल गया हो, लेकिन ICC टेस्ट क्रिकेट रैंकिंग में इंग्लैंड अभी भी आगे है,” जिस पर कार्यक्रम में मौजूद लोग हंस पड़े।
AI नियमन पर समान सोच
सुनक ने कहा कि AI के नियमन को लेकर भारत और यूके का दृष्टिकोण काफी हद तक एक जैसा है। दोनों देश यूरोपीय संघ (EU) के सख्त ‘टॉप-डाउन’ मॉडल और अमेरिका के लचीले रवैये से अलग, संतुलित और व्यावहारिक नीति के पक्षधर हैं।
उन्होंने बताया कि दोनों देश ऐसे नियमों का समर्थन करते हैं जो नवाचार (Innovation) को बढ़ावा देने के साथ-साथ सुरक्षा सुनिश्चित करें।
AI सुरक्षा में बढ़ेगा सहयोग
सुनक ने AI के तेजी से बढ़ते प्रभाव के बीच सुरक्षा को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने ब्रिटेन के ‘AI सेफ्टी इंस्टीट्यूट’ और भारत द्वारा स्थापित इसी तरह के संस्थान का जिक्र करते हुए दोनों के बीच गहरे सहयोग की जरूरत बताई।
उन्होंने कहा कि जैसे खुफिया एजेंसियों के बीच जानकारी साझा करने से आतंकवाद जैसे खतरों से निपटने में मदद मिलती है, उसी तरह AI संस्थानों के बीच सहयोग इस नई तकनीक के जोखिमों को कम करने में अहम भूमिका निभाएगा।







