
gmedianews24.com/बिलासपुर, साइबर अपराधों की बढ़ती चुनौती से निपटने और विवेचना की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के उद्देश्य से बिलासपुर रेंज में एक दिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यशाला पुलिस महानिरीक्षक श्री राम गोपाल गर्ग के नेतृत्व में स्थानीय चेतना हॉल में आयोजित हुई, जिसमें रेंज के विभिन्न जिलों से लगभग 100 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए।
कार्यक्रम में उप पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर श्री रजनेश सिंह (IPS) और पुलिस अधीक्षक जांजगीर-चांपा श्री विजय पाण्डेय की विशेष उपस्थिति रही। उद्घाटन सत्र में अधिकारियों ने साइबर अपराधों की रोकथाम में तकनीक की भूमिका को बेहद महत्वपूर्ण बताया।
तकनीक ही भविष्य: IG गर्ग
पुलिस महानिरीक्षक श्री गर्ग ने अपने संबोधन में कहा कि “तकनीक ही भविष्य है और इसमें दक्षता ही पुलिस को अपराधियों से आगे रख सकती है।” उन्होंने साइबर अपराधों की विवेचना में आधुनिक उपकरणों और प्रशिक्षण की आवश्यकता पर बल दिया।
नई SOP और तकनीकी सत्रों पर फोकस
कार्यशाला के दौरान गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जनवरी 2026 में जारी नई SOP पर विस्तृत चर्चा की गई। नगर पुलिस अधीक्षक (कोतवाली) श्री गगन कुमार (IPS) ने ठगी के मामलों में पैसों की होल्डिंग और वापसी की प्रक्रिया पर प्रेजेंटेशन दिया।
इसके अलावा विभिन्न तकनीकी सत्रों में—
- नेटग्रिड के उपयोग और महत्व पर रायगढ़ के CSP श्री मयंक मिश्रा ने जानकारी दी।
- साइबर फॉरेंसिक पर दुर्ग से आए विशेषज्ञ श्री आरिफ खान ने लाइव डेमो के जरिए साइबर फ्रॉड और डार्क नेट की जानकारी साझा की।
- आधुनिक टूल्स जैसे CDR एनालिसिस, C-Trace, सशक्त एप और त्रिनयन सिस्टम के उपयोग से अपराधियों की लोकेशन ट्रैकिंग और चोरी के वाहनों की पहचान पर मुंगेली साइबर सेल प्रभारी श्री प्रसाद सिन्हा और आरक्षक नवीन एक्का ने प्रशिक्षण दिया।
सवाल-जवाब सत्र में समाधान
कार्यशाला के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने विवेचना में आने वाली व्यावहारिक समस्याएं रखीं। IG श्री गर्ग ने सभी सवालों के समाधान देते हुए मार्गदर्शन किया।







