
gmedianews24.com/नई दिल्ली। वैदिक पंचांग के अनुसार आज यानी 24 मार्च को चैत्र नवरात्रि का छठा दिन मनाया जा रहा है। इस दिन मां दुर्गा के छठे स्वरूप मां कात्यायनी की पूजा-अर्चना का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा करने और व्रत रखने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
मान्यता के अनुसार, मां कात्यायनी की पूजा करने से विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं और योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति होती है। साथ ही वैवाहिक जीवन में सुख-शांति और प्रेम बना रहता है।
आरती करने से मिलता है पूर्ण फल
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी की आरती करने से पूजा का पूर्ण फल प्राप्त होता है। इससे घर-परिवार में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और कष्ट दूर होते हैं। मां कात्यायनी की आरती
जय जय अम्बे जय कात्यायनी।
जय जग माता जग की महारानी॥
बैजनाथ स्थान तुम्हारा।
वहावर दाती नाम पुकारा॥
कई नाम है कई धाम है।
यह स्थान भी तो सुखधाम है॥
हर मंदिर में ज्योत तुम्हारी।
कही योगेश्वरी महिमा न्यारी॥
हर जगह उत्सव होते रहते।
हर मंदिर में भगत है कहते॥
कत्यानी रक्षक काया की।
ग्रंथि काटे मोह माया की॥
झूठे मोह से छुड़ाने वाली।
अपना नाम जपाने वाली॥
बृहस्पतिवार को पूजा करिए।
ध्यान कात्यानी का धरिये॥
हर संकट को दूर करेगी।
भंडारे भरपूर करेगी॥
जो भी मां को भक्त पुकारे।
कात्यायनी सब कष्ट निवारे॥
मां कात्यायनी स्तुति
या देवी सर्वभूतेषु मां कात्यायनी रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥







