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नरेंद्र मोदी ने CCS बैठक की अध्यक्षता की: पश्चिम एशिया संकट पर भारत की तैयारी तेज

gmedianews24.com/पश्चिम एशिया में ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के बीच भारत सरकार सतर्क हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस गंभीर स्थिति की समीक्षा के लिए मंत्रिमंडल की सुरक्षा समिति (CCS) की उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की।

बैठक में वैश्विक हालात और उसके भारत पर संभावित प्रभावों को लेकर व्यापक चर्चा हुई। खासतौर पर आवश्यक वस्तुओं की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अल्पकालिक, मध्यम अवधि और दीर्घकालिक रणनीतियों पर विचार किया गया। किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए उर्वरकों की आपूर्ति बनाए रखने के लिए वैकल्पिक स्रोतों की तलाश पर भी जोर दिया गया।

आयात-निर्यात रणनीति पर फोकस
बैठक में रसायन, औषधि, पेट्रोकेमिकल और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों के लिए जरूरी आयात के स्रोतों में विविधता लाने के उपायों पर चर्चा हुई। साथ ही भारतीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए नए निर्यात बाजार विकसित करने की योजना पर भी विचार किया गया।

कैबिनेट सचिव ने पेश की रिपोर्ट
कैबिनेट सचिव ने वैश्विक स्थिति पर विस्तृत प्रेजेंटेशन देते हुए विभिन्न मंत्रालयों और विभागों द्वारा अब तक उठाए गए कदमों और भविष्य की रणनीति की जानकारी दी। बैठक में कृषि, खाद्य सुरक्षा, पेट्रोलियम, बिजली, एमएसएमई, शिपिंग, व्यापार और वित्त जैसे क्षेत्रों पर संभावित प्रभाव और उनसे निपटने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई।

खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा पर विशेष ध्यान
सरकार ने आम नागरिकों की जरूरतों को प्राथमिकता देते हुए खाद्य, ऊर्जा और ईंधन सुरक्षा का विस्तृत आकलन किया। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि किसी भी वैश्विक संकट के बावजूद देश में जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति बाधित न हो।

विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है, ऐसे में भारत सरकार द्वारा पहले से तैयारी करना एक अहम कदम माना जा रहा है।

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