
gmedianews24.com/अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ईरान को कड़ी धमकी दिए जाने के बाद ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ईरान किसी भी तरह की बेबुनियाद धमकियों से डरने वाला नहीं है।
रविवार (22 मार्च, 2026) को दिए गए बयान में पेजेशकियान ने कहा कि ईरान को दुनिया के नक्शे से मिटाने जैसी बातें एक ऐसे देश की हताशा को दर्शाती हैं, जिसका इतिहास बेहद मजबूत रहा है। उन्होंने कहा कि इस तरह की बयानबाजी का ईरान पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
दरअसल, यह विवाद उस समय और बढ़ गया जब ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया। उन्होंने कहा कि अगर ईरान दो दिनों के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य को बिना शर्त पूरी तरह नहीं खोलता है, तो अमेरिका ईरान के पावर प्लांट्स पर बड़े स्तर पर बमबारी करेगा।
एक घंटे में दो विरोधाभासी बयान से बढ़ा भ्रम
ट्रंप ने महज एक घंटे के भीतर दो अलग-अलग पोस्ट कर दुनिया को चौंका दिया। पहले पोस्ट में उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ने ईरान को पूरी तरह से खत्म कर दिया है—उसकी लीडरशिप, नौसेना और वायुसेना सब नष्ट हो चुकी है।
हालांकि, इसके तुरंत बाद किए गए दूसरे पोस्ट में उन्होंने संकेत दिया कि संघर्ष अभी खत्म नहीं हुआ है और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर स्थिति गंभीर बनी हुई है। इन विरोधाभासी बयानों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई सवाल खड़े हो गए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के आक्रामक और असंगत बयानों से क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है, जिसका असर वैश्विक राजनीति और तेल आपूर्ति पर भी पड़ सकता है।







