[metaslider id="31163"]
BusinessFeatured

8th Pay Commission Latest : 8वां वेतन आयोग अपडेट रक्षा कर्मियों की मांग मानी गई तो रॉकेट की तरह बढ़ेगी आपकी सैलरी

रक्षा कर्मचारियों का तर्क: क्यों पुराना हो चुका है मौजूदा DA फॉर्मूला?

रक्षा क्षेत्र से जुड़े कर्मचारी संगठनों का कहना है कि वर्तमान में जिस बास्केट के आधार पर महंगाई मापी जाती है, वह हकीकत से कोसों दूर है। AIDEF के पदाधिकारियों ने तर्क दिया कि खाने-पीने की वस्तुओं, स्वास्थ्य सेवाओं और बच्चों की शिक्षा पर होने वाला वास्तविक खर्च सरकारी इंडेक्स से कहीं ज्यादा तेजी से बढ़ रहा है।

मौजूदा समय में DA की गणना AICPI-IW (Industrial Workers) इंडेक्स के आधार पर होती है। कर्मचारियों की मांग है कि 8वें वेतन आयोग के लागू होने से पहले इस इंडेक्स की समीक्षा हो। इसमें उन वस्तुओं को शामिल किया जाए जो आज के आधुनिक जीवन की अनिवार्य जरूरतें हैं।

“मौजूदा महंगाई भत्ता कैलकुलेशन कर्मचारियों को वह राहत नहीं दे पा रहा है जिसकी उन्हें जरूरत है। हमने सरकार से मांग की है कि 8वें वेतन आयोग के ढांचे में DA के लिए एक नया और पारदर्शी फॉर्मूला तैयार किया जाए, जो सीधे तौर पर बाजार की कीमतों से जुड़ा हो।”
— महासचिव, ऑल इंडिया डिफेंस एम्प्लॉईज फेडरेशन (AIDEF)

यदि सरकार रक्षा कर्मचारियों की यह मांग मान लेती है, तो इसका सीधा लाभ केवल रक्षा क्षेत्र को ही नहीं, बल्कि 50 लाख से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों और 65 लाख से अधिक पेंशनभोगियों को मिलेगा।

  • सैलरी में उछाल: नए फॉर्मूले से DA की दरें वर्तमान के मुकाबले 3% से 5% तक अधिक बढ़ सकती हैं।
  • रिटायरमेंट बेनिफिट्स: DA बढ़ने से ग्रेच्युटी और लीव एनकैशमेंट जैसे फायदों पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा।
  • 8वें वेतन आयोग का गठन: कयास लगाए जा रहे हैं कि सरकार 2026 के मध्य तक आयोग के सदस्यों के नामों की घोषणा कर सकती है।

Related Articles

Back to top button