
gmedianews24.com/नई दिल्ली। वास्तु शास्त्र में घर के हर हिस्से का विशेष महत्व बताया गया है, जिसमें रसोईघर यानी किचन को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यता है कि किचन की दिशा और उसमें रखी वस्तुओं का सही स्थान घर की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति पर प्रभाव डालता है। इसलिए किचन में गैस चूल्हा, पानी और अन्य सामान को वास्तु के अनुसार रखना जरूरी माना जाता है।
किचन की सही दिशा
वास्तु शास्त्र के अनुसार रसोईघर आग्नेय कोण (दक्षिण-पूर्व दिशा) में होना शुभ माना जाता है। यदि किचन इस दिशा में नहीं होता तो घर के सदस्यों, विशेषकर महिलाओं की सेहत पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है और अन्न-धन की हानि भी हो सकती है।
गैस चूल्हा किस दिशा में रखें
किचन में गैस चूल्हा भी दक्षिण-पूर्व दिशा में रखना चाहिए। भोजन बनाते समय व्यक्ति का मुख पूर्व दिशा की ओर होना शुभ माना जाता है। वहीं उत्तर या दक्षिण दिशा की ओर मुख करके खाना बनाने से बचने की सलाह दी जाती है।
पीने का पानी कहां रखें
वास्तु के अनुसार किचन में पीने का पानी उत्तर-पूर्व दिशा में रखना सबसे अच्छा माना जाता है। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहता है।
आग और पानी को पास न रखें
रसोईघर में आग और पानी को कभी भी पास-पास नहीं रखना चाहिए। इसलिए गैस चूल्हा और पानी का स्थान अलग-अलग दिशा में होना चाहिए।







