
gmedianews24.com//वॉशिंगटन। वैश्विक स्तर पर चल रहे तनाव और आर्थिक अस्थिरता के बीच अमेरिकी प्रशासन ने एक बड़ा व्यापारिक कदम उठाया है। डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाले प्रशासन ने विदेशों में बढ़ते औद्योगिक उत्पादन को लेकर नई व्यापारिक जांच शुरू कर दी है। इस जांच में भारत सहित दुनिया की 16 प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं को शामिल किया गया है। माना जा रहा है कि इस कदम का असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार और भारत-अमेरिका आर्थिक संबंधों पर पड़ सकता है।
अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि जेमीसन ग्रियर ने बुधवार को आधिकारिक घोषणा करते हुए बताया कि यह जांच 1974 के व्यापार कानून की धारा 301 के तहत शुरू की गई है। इस जांच के बाद अमेरिका इन देशों से आने वाले उत्पादों पर नए आयात शुल्क लगाने का फैसला भी कर सकता है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद शुरू हुई जांच
खबरों के अनुसार यह कदम उस समय उठाया गया जब संयुक्त राज्य अमेरिका का सर्वोच्च न्यायालय ने आर्थिक आपातकाल का हवाला देकर लगाए गए ट्रंप प्रशासन के पुराने आयात शुल्क को रद्द कर दिया। इसके बाद अमेरिका ने विदेशी उत्पादन और व्यापारिक असंतुलन की समीक्षा के लिए नई जांच प्रक्रिया शुरू की है।
ग्रियर ने कहा कि अमेरिका का मानना है कि कई बड़े व्यापारिक साझेदार देशों ने अपनी उत्पादन क्षमता जरूरत से अधिक बढ़ा ली है, जिसका असर अमेरिकी उद्योगों पर पड़ रहा है। उनके अनुसार कई देश घरेलू मांग से ज्यादा उत्पादन कर अतिरिक्त सामान अमेरिका भेज रहे हैं।
जांच के दायरे में ये देश
अमेरिकी प्रशासन द्वारा शुरू की गई इस जांच में कई बड़े व्यापारिक साझेदार देशों को शामिल किया गया है। इनमें चीन, यूरोपीय संघ, मेक्सिको, भारत, जापान, दक्षिण कोरिया और ताइवान शामिल हैं।
इसके अलावा स्विट्ज़रलैंड, नॉर्वे, इंडोनेशिया, सिंगापुर, थाईलैंड, मलेशिया, कंबोडिया, वियतनाम और बांग्लादेश भी जांच के दायरे में रखे गए हैं।






