
gmedianews24.com/नई दिल्ली। हिंदू धर्म में Sheetala Saptami का पर्व विशेष महत्व रखता है। इस वर्ष शीतला सप्तमी आज यानी 10 मार्च 2026 को मनाई जा रही है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन Shitala Mata की विधि-विधान से पूजा करने से भक्तों को आरोग्यता, सुख-समृद्धि और रोगों से मुक्ति का आशीर्वाद मिलता है।
शीतला सप्तमी का धार्मिक महत्व
हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र महीने के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि को शीतला सप्तमी का व्रत और पूजा की जाती है। इस पर्व को कई जगह बसौड़ा भी कहा जाता है, क्योंकि इस दिन माता शीतला को बासी या एक दिन पहले बना हुआ भोजन भोग के रूप में अर्पित किया जाता है।
मान्यता है कि इस दिन व्रत और पूजा करने से परिवार को रोग-दोष से मुक्ति मिलती है और घर में सुख-शांति बनी रहती है। साथ ही माता शीतला की कृपा से स्वास्थ्य अच्छा रहता है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।
शीतला सप्तमी की पूजा विधि
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सप्तमी से एक दिन पहले मीठे चावल, पूरी और अन्य पकवान बनाकर रख लें।
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ब्रह्म मुहूर्त में उठकर ठंडे पानी से स्नान करें।
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माता शीतला की प्रतिमा या चित्र को जल अर्पित करें।
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रोली, अक्षत, नीम के पत्ते और फूल अर्पित करें।
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एक दिन पहले बने ठंडे भोजन का भोग लगाएं।
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पूजा के अंत में आरती करें और परिवार की सुख-शांति के लिए प्रार्थना करें।
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पूजा में हुई किसी भी गलती के लिए माता से क्षमा याचना करें।
शीतला सप्तमी के प्रमुख मंत्र
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ॐ ह्रीं श्रीं शीतलायै नमः॥
शीतले त्वं जगन्माता शीतले त्वं जगत्पिता।
वन्देऽहं शीतलां देवीं रासभस्थां दिगम्बराम्॥
मार्जनीकलशोपैतां शूर्पालंकृतमस्तकाम्॥






