
gmedianews24.com/वास्तु शास्त्र। घर में रखी हर वस्तु का सकारात्मक या नकारात्मक प्रभाव माना जाता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार टूटे-फूटे सामान घर में रुकी हुई ऊर्जा और अवरोध का प्रतीक होते हैं। खासकर बच्चों के टूटे खिलौने घर में रखने से बच्चों के स्वभाव और पढ़ाई पर भी नकारात्मक असर पड़ सकता है। इसलिए ऐसे खिलौनों को समय रहते घर से हटाना जरूरी माना जाता है।
बच्चों के टूटे खिलौनों से पड़ता है यह असर
वास्तु मान्यता के अनुसार बच्चों के टूटे खिलौने घर में रखने से बच्चों का मन अस्थिर रहता है। उनमें चिड़चिड़ापन बढ़ सकता है और उनका ध्यान पढ़ाई में ठीक से नहीं लग पाता। इसके साथ ही घर में अव्यवस्था और नकारात्मक ऊर्जा बढ़ने लगती है, जिससे परिवार में छोटी-छोटी बातों पर झगड़े भी हो सकते हैं। कई मान्यताओं के अनुसार इससे आर्थिक प्रगति में भी बाधा आती है।
क्या टूटे खिलौने दान करना सही है
वास्तु और सामान्य नियमों के अनुसार बहुत ज्यादा टूटे हुए खिलौने दान नहीं करने चाहिए, क्योंकि उनसे बच्चों को चोट लगने का खतरा हो सकता है। हालांकि हल्के टूटे या अच्छी हालत वाले खिलौनों को जरूरतमंद बच्चों को दान किया जा सकता है।
वास्तु के अनुसार बुधवार, गुरुवार या रविवार को सुबह या दोपहर में पुराने खिलौनों को दान करना या घर से बाहर करना शुभ माना जाता है। रात के समय टूटे खिलौनों को बाहर निकालना ठीक नहीं माना जाता।
इन जगहों पर भूलकर भी न रखें टूटे खिलौने
-
बच्चों की स्टडी टेबल पर टूटे खिलौने नहीं रखने चाहिए, इससे पढ़ाई में ध्यान नहीं लगता।
-
पूजा घर या पूजा स्थल के पास टूटे खिलौने रखने से नकारात्मक ऊर्जा फैलती है।
-
ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) में भी टूटे खिलौने नहीं रखने चाहिए, क्योंकि यह देवताओं की दिशा मानी जाती है।
अगर तुरंत बाहर नहीं कर पा रहे हैं तो क्या करें
यदि किसी कारण से टूटे खिलौनों को तुरंत घर से बाहर नहीं कर पा रहे हैं, तो उन्हें दक्षिण-पश्चिम यानी नैऋत्य दिशा में रखा जा सकता है। यह दिशा भारी और स्थिर वस्तुओं के लिए मानी जाती है। हालांकि यह केवल अस्थायी उपाय है, इसलिए जल्द से जल्द इन्हें घर से हटा देना ही बेहतर माना जाता है।
टूटे खिलौने घर से निकालने का सही तरीका
वास्तु के अनुसार टूटे खिलौनों को घर से निकालते समय बुधवार, गुरुवार या रविवार का दिन चुनना चाहिए। सुबह या दोपहर का समय सबसे अच्छा माना जाता है। खिलौनों को एक बैग में डालकर घर से बाहर कूड़ेदान में डाल दें। इसके बाद घर में गंगाजल का छिड़काव करें और “ॐ नमः शिवाय” का 11 बार जप करें। इससे घर की ऊर्जा शुद्ध मानी जाती है।
बच्चों के कमरे के लिए जरूरी टिप्स
-
बच्चों के खिलौनों को हमेशा एक बॉक्स या अलमारी में व्यवस्थित रखें।
-
टूटे खिलौनों को तुरंत अलग कर दें।
-
बच्चों के कमरे में हरा या नीला रंग सकारात्मक माना जाता है।
-
कमरे में मनी प्लांट या पीस लिली जैसे पौधे रखना भी शुभ माना जाता है।






