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शीतला अष्टमी 2026: 11 मार्च को मनाया जाएगा बासौड़ा, जानें क्या करें और क्या नहीं

gmedianews24.com/नई दिल्ली होली के आठ दिन बाद मनाया जाने वाला शीतला अष्टमी का पर्व इस साल 11 मार्च 2026 को मनाया जाएगा। इसे बासौड़ा के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन पूजा करने से परिवार में सुख-शांति बनी रहती है और रोग-दोष दूर होते हैं।

मान्यता है कि शीतला अष्टमी के दिन विशेष नियमों का पालन करना आवश्यक होता है। खासकर जो लोग पहली बार यह व्रत रखते हैं, उन्हें इस दिन के जरूरी नियमों की जानकारी होना बेहद जरूरी है।

क्या करें? (Dos)

🔹 बासी भोजन का भोग – इस दिन सुबह खाना नहीं बनाया जाता। सप्तमी की रात को ही हलवा, पूरी, मीठे चावल, राबड़ी आदि बनाकर रखे जाते हैं और अष्टमी के दिन उसी बासी भोजन का भोग लगाया जाता है।
🔹 नीम का महत्व – नहाने के पानी में नीम के पत्ते डालना और पूजा में नीम की टहनी रखना शुभ माना जाता है।
🔹 घर की सफाई – पूजा से पहले घर को पूरी तरह साफ रखना चाहिए। पवित्रता का विशेष महत्व माना गया है।
🔹 ठंडे जल का उपयोग – पूजा में ठंडा जल अर्पित किया जाता है और बाद में उस जल का छिड़काव घर में किया जाता है।
🔹 दान-पुण्य – जरूरतमंदों को ठंडा भोजन और पानी दान करना शुभ माना जाता है।

क्या न करें? (Don’ts)

🔹 चूल्हा न जलाएं – इस दिन घर में आग जलाने से बचना चाहिए।
🔹 गर्म भोजन से परहेज – ताजा और गरम भोजन नहीं बनाया जाता, केवल ठंडा भोजन ही किया जाता है।
🔹 सिलाई-कढ़ाई न करें – सुई-धागे से जुड़े कार्यों से दूर रहना चाहिए।
🔹 तामसिक भोजन से परहेज – मांस, शराब और अन्य तामसिक चीजों से दूरी बनाए रखें।
🔹 सिर न धोएं – कई स्थानों पर महिलाओं के लिए सिर और कपड़े धोना वर्जित माना जाता है।

धार्मिक मान्यता है कि इन नियमों का पालन करने से परिवार में सुख-समृद्धि और स्वास्थ्य बना रहता है। श्रद्धालु पूरे विधि-विधान से पूजा कर शांति और कल्याण की कामना करते हैं।

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