
gmedianews24.com/नई दिल्ली। नई दिल्ली हिंदू धर्म में होलिका दहन की रात को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जिस तरह हिरण्यकश्यप का अहंकार और बुराई अग्नि में नष्ट हुई थी, उसी तरह इस पवित्र अग्नि में जीवन की नकारात्मकता और नजर दोष भी समाप्त हो सकते हैं। इसी मान्यता के चलते होलिका दहन की राख से जुड़े कई उपाय बताए गए हैं, जिन्हें नजर उतारने में प्रभावी माना जाता है।
राख का तिलक लगाएं
अगर बच्चा बिना कारण चिड़चिड़ा हो रहा हो या बार-बार बीमार पड़ रहा हो, तो होलिका दहन के अगले दिन सुबह ठंडी राख लाकर उसमें थोड़ा घी या गंगाजल मिलाएं। इस मिश्रण से बच्चे के माथे, गले और छाती पर तिलक लगाएं। मान्यता है कि यह राख सुरक्षा कवच की तरह काम कर बुरी नजर का प्रभाव कम करती है।
सात बार उतारें नजर
होलिका दहन की रात एक छोटे कपड़े में पीली सरसों, नमक और सूखी लाल मिर्च बांध लें। इस पोटली को बच्चे के सिर से पैर तक सात बार वारें और फिर जलती होलिका में डाल दें। माना जाता है कि इसके साथ ही नजर दोष और नकारात्मक ऊर्जा भी अग्नि में भस्म हो जाती है।
घर में करें राख का छिड़काव
ऐसी मान्यता है कि नजर सिर्फ व्यक्ति को ही नहीं, घर को भी लग सकती है। होलिका दहन की रात थोड़ी राख घर लाकर चारों कोनों में छिड़कें और मुख्य द्वार पर राख से स्वास्तिक बनाएं। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा और सुख-समृद्धि का वास होता है।
धार्मिक परंपराओं में इन उपायों को सदियों से अपनाया जाता रहा है और लोग इन्हें आस्था के साथ करते हैं। हालांकि इनका आधार धार्मिक मान्यताएं हैं, इसलिए इन्हें श्रद्धा और विश्वास के साथ ही किया जाता है।







