
gmedianews24.com/चैत्र नवरात्रि हिंदू धर्म का अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। यह केवल देवी दुर्गा की आराधना का समय ही नहीं, बल्कि हिंदू नववर्ष की शुरुआत का भी शुभ अवसर होता है। वर्ष 2026 में चैत्र नवरात्रि का शुभारंभ 19 मार्च से हो रहा है। नौ दिनों तक चलने वाला यह पर्व अनुशासन, संयम और आध्यात्मिक साधना का पावन संगम माना जाता है।
मान्यता है कि इन दिनों में सच्चे मन से पूजा-अर्चना करने और नियमों का पालन करने से मां दुर्गा की विशेष कृपा प्राप्त होती है। केवल व्रत रखने से ही नहीं, बल्कि जीवन में सात्विकता और शुद्धता बनाए रखने से भी साधना सफल होती है। ऐसे में आइए जानते हैं कि चैत्र नवरात्रि के दौरान क्या करना चाहिए और किन बातों से बचना चाहिए।
चैत्र नवरात्रि में क्या करें?
🔸 सूर्योदय से पहले स्नान करें – दिन की शुरुआत पवित्रता और सकारात्मक ऊर्जा के साथ करें।
🔸 सात्विक भोजन ग्रहण करें – व्रत न रखने पर भी शुद्ध और हल्का भोजन करें तथा मन को शांत रखने के लिए ध्यान करें।
🔸 मंत्र जाप और पाठ करें – दुर्गा सप्तशती का पाठ करें या ‘ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे’ मंत्र का नियमित जाप करें।
🔸 दान-पुण्य करें – जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या शिक्षा से जुड़ी सामग्री दान करना शुभ माना जाता है।
🔸 कन्या पूजन करें – अष्टमी या नवमी के दिन छोटी कन्याओं को देवी का स्वरूप मानकर भोजन कराएं और उपहार दें।
चैत्र नवरात्रि में क्या न करें?
🔹 तामसिक भोजन से दूर रहें – मांस, मदिरा, प्याज और लहसुन का सेवन न करें।
🔹 बाल, दाढ़ी या नाखून न कटवाएं – धार्मिक मान्यता के अनुसार नौ दिनों तक इससे बचना चाहिए।
🔹 चमड़े की वस्तुएं न पहनें – पूजा के समय बेल्ट, जूते या पर्स जैसी चीजों का उपयोग न करें।
🔹 विवाद और अपशब्द से बचें – घर में शांति बनाए रखें, क्योंकि कलह पूजा के फल को कम कर देता है।
🔹 अखंड ज्योति बुझने न दें – यदि घर में अखंड ज्योति जलाई है तो उसे निरंतर जलाए रखें और घर खाली न छोड़ें।
आध्यात्मिक महत्व
चैत्र नवरात्रि आत्मशुद्धि, ऊर्जा और नई शुरुआत का प्रतीक मानी जाती है। यह पर्व व्यक्ति को संयम, श्रद्धा और सकारात्मक जीवन शैली अपनाने की प्रेरणा देता है। भक्त इन नौ दिनों में साधना, उपवास और पूजा के माध्यम से शक्ति की आराधना कर जीवन में सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।







