
gmedianews24.com/सनातन परंपरा में पूर्णिमा तिथि का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। इस पावन दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पवित्र नदियों में स्नान कर पुण्य अर्जित करते हैं। विशेष रूप से गंगा नदी समेत पवित्र नदियों के तट पर स्नान, पूजा, जप-तप और दान-पुण्य करना अत्यंत शुभ माना गया है।
धार्मिक मान्यता है कि पूर्णिमा तिथि पर गंगा स्नान करने से व्यक्ति के जाने-अनजाने में हुए पापों से मुक्ति मिलती है। साथ ही लक्ष्मी-नारायण की पूजा करने से सुख, समृद्धि और सौभाग्य में वृद्धि होती है।
कब है फाल्गुन पूर्णिमा 2026? (Falgun Purnima Date and Time)
वैदिक पंचांग के अनुसार फाल्गुन पूर्णिमा तिथि 02 मार्च को शाम 5 बजकर 55 मिनट से शुरू होगी और 03 मार्च को शाम 5 बजकर 07 मिनट पर समाप्त होगी। उदया तिथि के अनुसार 03 मार्च को फाल्गुन पूर्णिमा मनाई जाएगी।
इस दिन साल का पहला चंद्र ग्रहण भी लगेगा, लेकिन यह भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा। श्रद्धालु सुविधा अनुसार स्नान-ध्यान कर पूजा और दान कर सकते हैं।
फाल्गुन पूर्णिमा पर बन रहे शुभ योग
ज्योतिष गणना के अनुसार इस बार फाल्गुन पूर्णिमा पर कई शुभ योग बन रहे हैं।
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सुकर्मा योग – सुबह 10:25 बजे तक प्रभावी रहेगा।
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शिववास योग – शाम 5:07 बजे से प्रारंभ होगा।
इन योगों में पूजा करने से जीवन में सुख, समृद्धि और सौभाग्य बढ़ने की मान्यता है।







