
gmedianews24.com/वास्तु शास्त्र एक प्राचीन विज्ञान है, जिसमें घर की संरचना, दिशा और उसमें मौजूद चीजों के प्रभाव के बारे में विस्तार से बताया गया है। माना जाता है कि घर में शांति, सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने में दरवाजों के साथ-साथ खिड़कियों की भी अहम भूमिका होती है।
वास्तु के अनुसार यदि घर की खिड़कियां सही दिशा और सही संख्या में न हों, तो इसका नकारात्मक असर घर के सदस्यों के जीवन, स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति पर पड़ सकता है। इसलिए जिस तरह मुख्य द्वार के वास्तु नियमों का पालन किया जाता है, उसी तरह खिड़कियों से जुड़े नियमों को भी जानना जरूरी है।
घर में खिड़कियों की संख्या कैसी होनी चाहिए?
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में खिड़कियों की संख्या हमेशा सम (Even Number) में होनी चाहिए। जैसे — 2, 4, 6 या 8।
ऐसा माना जाता है कि सम संख्या में खिड़कियां होने से घर में ऊर्जा संतुलित रहती है और सकारात्मक वातावरण बना रहता है। वहीं विषम संख्या (Odd Number) में खिड़कियां होने से ऊर्जा का असंतुलन हो सकता है।
खिड़कियों की सही दिशा क्या हो?
अगर घर में दो या उससे अधिक खिड़कियां हैं, तो उनकी दिशा का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
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खिड़कियां अधिकतर उत्तर और पूर्व दिशा की ओर खुलनी चाहिए।
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इन दिशाओं को शुभ माना जाता है और माना जाता है कि यहां से सकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश करती है।
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ड्राइंग रूम में खिड़कियां दक्षिण-पश्चिम दिशा में न हों, यह वास्तु के अनुसार अशुभ माना जाता है।
टूटी खिड़कियां तुरंत बदलें
घर में कभी भी टूटी या दरार वाली खिड़कियां नहीं रखनी चाहिए। वास्तु मान्यता के अनुसार ऐसी खिड़कियां नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाती हैं और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का कारण बन सकती हैं। यदि खिड़की का कांच टूटा है, तो उसे तुरंत बदल देना चाहिए।







